Edited By Kuldeep, Updated: 02 Feb, 2026 10:20 PM

मनाली के पास जगतसुख के बर्फ से ढके जंगलों में एक दुर्लभ मोर देखा गया है। 6,500 फुट की ऊंचाई पर मोर का दिखना हिमाचल वन विभाग, पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव वार्डन के लिए आश्चर्य की बात है।
मनाली (सोनू): मनाली के पास जगतसुख के बर्फ से ढके जंगलों में एक दुर्लभ मोर देखा गया है। 6,500 फुट की ऊंचाई पर मोर का दिखना हिमाचल वन विभाग, पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव वार्डन के लिए आश्चर्य की बात है। यह मैदानी पक्षी आमतौर पर 1,600 फुट की ऊंचाई पर पाया जाता है। पर्यवेक्षकों व विशेषज्ञों का कहना है कि यह हिमालय में पारिस्थितिक बदलावों और वायुमंडलीय तापमान में काफी वृद्धि के संकेत हैं। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई बड़ी बात नहीं है।
जगतसुख के ग्रामीण सुमित, भूमिदेव, राजेश व नितिन ने बताया कि इस जंगल में बर्फ से पहले मोर का जोड़ा देखा गया है। उनका कहना है कि यह मोर इस वातावरण में ढल गए हैं। डीएफओ वन्य जीव कुल्लू राजेश शर्मा ने बताया कि मोर पक्षियों की सामान्य प्रजातियों में आता है, जो अपने आवास के बारे में ज्यादा चयनात्मक या नखरे वाला नहीं होता है। हालांकि पारंपरिक रूप से यह एक मैदानी पक्षी है, लेकिन यह हिमाचल प्रदेश में सामान्य से अधिक ऊंचाई पर भी पाया गया है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाके अब उतने ठंडे नहीं रहे, जितने पहले होते थे। इससे अब ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्र मोर के रहने के लिए ज्यादा अनुकूल हो गए हैं। पहाड़ों के ऊपरी इलाकों में खेती और इंसानी बस्तियों के बढ़ने जैसी इंसानी गतिविधियों के कारण ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गर्मी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि हालांकि ऊंचाई के क्षेत्र में पहली बार मोर देखा गया है, लेकिन एक बार देखने से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।