दशहरा कमेटी से रुष्ट देवता पहुंचे DC-SP ऑफिस, बोले-देवताओं पर प्रतिबंध नहीं होगा सहन

Edited By Vijay, Updated: 30 Oct, 2020 09:09 PM

lord in kullu

मौहल्ला के बाद ढालपुर में देवी-देवता प्रचंड हुए। प्रचंड देवताओं में धूमल नाग, माता कोटली, देवता वीरनाथ व देवता शिवराड़ी नारायण शामिल रहे मुहल्ले में शरीक होने के बाद ये देवता अपने शिविर में प्रवेश ही नहीं हुए और धूमल नाग ने सभी देवताओं को एकत्र किया...

कुल्लू (संजीव जैन): मौहल्ला के बाद ढालपुर में देवी-देवता प्रचंड हुए। प्रचंड देवताओं में धूमल नाग, माता कोटली, देवता वीरनाथ व देवता शिवराड़ी नारायण शामिल रहे मुहल्ले में शरीक होने के बाद ये देवता अपने शिविर में प्रवेश ही नहीं हुए और धूमल नाग ने सभी देवताओं को एकत्र किया और पहले डीसी कार्यालय पहुंचे उसके बाद वहां से जवाब न मिलने पर एसपी कार्यालय भी पहुंचे। दशहरा कमेटी से रुष्ट देवी-देवता पहले डीसी कार्यालय पहुंचे और वहां पर अपना आक्रोश व्यक्त किया। देवी-देवताओं का कहना है कि आखिर इस बार दशहरा पर्व में उन पर यह प्रतिबंध क्यों लगाया। देवताओं ने कहा कि यह देव धरती है और ढालपुर मैदान उनका है। प्रशासन उन पर प्रतिबंध लगाने वाला कौन होता है।

देवताओं ने यह भी कहा कि दोहरे मापदंड क्यों अपनाए गए। पूरे देश में पर्यटक घूम रहे हैं, कुल्लू-मनाली पर्यटकों से भरा पड़ा है लेकिन देवता पर ही प्रतिबंध लगाया। इसके अलावा देवता इसलिए भी नाराज हैं कि सिर्फ 7 देवताओं को ही क्यों बुलाया सभी अठारह करडु देवताओं को क्यों नहीं बुलाया। सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर भी रही कि आखिर देव नियमों की धज्जियां क्यों उड़ाई गईं और देव कारकूनों के कोविड टैस्ट क्यों करवाए जबकि देव नियम के अनुसार कोई भी बाहरी व्यक्ति देवता के गुर-पुजारी को छू भी नहीं सकता।

बता दें कि जिन देवताओं ने दशहरा कमेटी का विरोध किया है उन्हें भी नहीं बुलाया था और इन देवताओं ने प्रशासन के आदेश नहीं माने। देवताओं ने कहा कि आज सरकार, कारदार व आम लोग देवताओं से बड़े हो गए हैं और देवताओं पर प्रतिबंध लगा रहे हैं इसे सहन नहीं किया जाएगा। देवताओं ने कहा कि जिला के सभी देवी-देवता चाहे वे अठारह करडु हो, चाहे अठारह नाग हो या फिर नारयण सभी प्रशासन व दशहरा कमेटी के इस व्यवहार से नाराज हैं।

देवताओं ने कहा कि जो देवता यहां आए हैं या नहीं आए हैं सभी नाराज व आक्रोशित है। देवताओं ने कहा कि इसके परिणाम गंभीर होंगें और कुछ चिन्ह दिए जा चुके हैं और कुछ बहुत कुछ घटने बाला है। बहरहाल दशहरा कमेटी के तुगलकी फरमान देवताओं को रास नहीं आए हैं और देव प्रकोप की बातें कह रहे हैं। इससे पहले देवता जगती करने के भी आदेश दे चुके हैं।

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