Edited By Vijay, Updated: 14 Feb, 2026 11:41 AM

देवभूमि हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं की परंपरा को बरकरार रखने के लिए देवता कमेटियों ने पहल करनी शुरू कर दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।
बालीचौकी (फरेंद्र): देवभूमि हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं की परंपरा को बरकरार रखने के लिए देवता कमेटियों ने पहल करनी शुरू कर दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। मंडी जिले की सराज घाटी के अधिष्ठाता बड़ा देव विष्णु मतलोड़ा के बाद अब देव चुंजवाला महादेव की सात हार कमेटी ने अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव से पहले ही सख्त फैसले लिए हैं। अब कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर देव चुंजवाला महादेव के देव खेल और गुप्त कार्यों की पोस्ट या वीडियो व्यक्तिगत अकाऊंट में नहीं डाल सकेगा।
देवता के नाम पर चल रहे फर्जी अकाऊंट बंद करने के आदेश
कमेटी ने सोशल मीडिया पर देवता के नाम पर बने सभी गैर-अनधिकृत अकाऊंट को सप्ताह के भीतर तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कमेटी समाज एवं समिति स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ 20 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूल करेगी। इसके साथ ही देवता की किसी भी तरह के भ्रामक सूचना, अफवाह और गलत कैप्शन डालने पर भी कार्रवाई का आदेश सर्वसहमति से लिया गया है। अब देवता की सामाजिक पोस्ट या वीडियो केवल आधिकारिक अकाऊंट से ही जारी किए जाएंगे, जो सात हार कमेटी के संरक्षण और नियंत्रण में रहेगा। देवता की गरिमा, परंपरा की मर्यादा और समाज की एकता को बनाए रखने के फैसले की लोगों ने भी सराहना की है।
देव परंपरा बरकरार रखनी है तो उठाने हाेंगे उचित कदम
यदि प्रदेश के देवी-देवताओं की देव नीति और परंपरा को बरकरार रखना है तो देवताओं की सभी कमेटियों को ऐसे उचित कदम उठाने होंगे। बता दें कि अधिकतर देखा गया है कि लोग देवी-देवताओं से जुड़ी परंपराओं की वीडियो को सोशल मीडिया में डाल कर उनका खिलवाड़ कर रहे हैं, जबकि कई स्थान तो ऐसे भी हैं, जहां लोग देव खेल के दौरान उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, जिसके चलते देव परंपरा मजाक बनी हुई है तथा देवता उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां देवताओं की वीडियो बनाने पर प्रतिबंध है।
क्या कहते हैं सात हार कमेटी के अध्यक्ष
देव चुंजवाला महादेव सात हार कमेटी के अध्यक्ष देवराज रावत ने बताया कि सोशल मीडिया पर देवता से जुड़ी प्राचीन गतिविधि को पोस्ट या उसका वीडियो बनाकर नहीं डाला जाएगा। खासकर देव खेल और प्राचीन स्थलों को पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर देवता के नाम से बने अनधिकृत अकाऊंट को तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कमेटी दंडात्मक कार्रवाई के साथ 20 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूल करेगी।