अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव: देव शक्ति के आगे प्रशासन-पुलिस सब हुए बेबस, नहीं ताेड़ने दी 50 साल पुरानी परंपरा

Edited By Vijay, Updated: 17 Feb, 2026 12:31 PM

international mahashivratri festival

अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की पहली शाही जलेब के दौरान अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला जब देवी-देवताओं ने जिला प्रशासन और सर्व देवता समिति द्वारा जलेब के रूट में किए गए बदलाव को सिरे से खारिज कर दिया। दे

मंडी (फरेंद्र): अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की पहली शाही जलेब के दौरान अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला जब देवी-देवताओं ने जिला प्रशासन और सर्व देवता समिति द्वारा जलेब के रूट में किए गए बदलाव को सिरे से खारिज कर दिया। देवी-देवताओं ने अपनी देव शक्ति का सीधा प्रमाण देते हुए नए रास्ते से जाने से साफ इंकार कर दिया। मंडी बस स्टैंड के बाहर लगभग आधे घंटे तक देवता नए निर्धारित स्थान से आगे बढ़ने के लिए बार-बार पीछे हटते रहे। जिला प्रशासन, सर्व देवता समिति और पुलिस प्रशासन ने देवी-देवताओं को नए रूट से ले जाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन देव शक्ति के आगे सभी लाचार नजर आए। देवलुओं ने भी देवताओं को समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सारे प्रयास विफल रहे। अंततः लगभग एक दर्जन देवी-देवताओं ने प्रशासन के आदेश को दरकिनार करते हुए पुराने और परंपरागत जलेब रूट से ही मैदान में प्रवेश किया।

गौरतलब है कि बीते लगभग 50 वर्षों से महाशिवरात्रि महोत्सव का पारंपरिक स्थल वल्लभ महाविद्यालय परिसर रहा है। हालांकि इस बार जिला प्रशासन ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए युवा सेवाएं एवं खेल विभाग और पुलिस थाना के बीच स्थित पड्डल मैदान के प्रवेश द्वार से जलेब को अंदर ले जाने का नया निर्णय लिया था, लेकिन देवी-देवताओं ने इस बदलाव को स्वीकार करने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया।

बता दें देवभूमि हिमाचल प्रदेश में देवी-देवताओं की परंपराओं और मान्यताओं के आगे प्रशासनिक निर्णय भी गौण पड़ जाते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच देव आस्था को और मजबूत किया है। अब यह देखना होगा कि आगामी जलेबों के लिए प्रशासन पुराने रूट को बहाल करता है या फिर नए रास्ते पर कायम रहता है।

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