हिमाचल के लिए अंडमान निकोबार से आई दुखद खबर, ड्यूटी के दौरान लैफ्टिनैंट अनुपम मेहता का निधन...3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

Edited By Vijay, Updated: 28 Mar, 2026 04:33 PM

lieutenant anupam mehta passes away while on duty

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के उपमंडल धीरा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत नौरा के गांव मतेहड़ से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारतीय सेना में सेवारत क्षेत्र के लाल लैफ्टिनैंट अनुपम मेहता का अंडमान निकोबार में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुक जाने...

धीरा (गगन): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के उपमंडल धीरा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत नौरा के गांव मतेहड़ से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भारतीय सेना में सेवारत क्षेत्र के लाल लैफ्टिनैंट अनुपम मेहता का अंडमान निकोबार में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुक जाने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया है। देश की सेवा करते हुए उनके अचानक इस तरह चले जाने का समाचार जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा, समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार लैफ्टिनैंट अनुपम मेहता वर्तमान में भारतीय सेना की 19 पंजाब रैजीमैंट के तहत अंडमान निकोबार द्वीप समूह में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि वीरवार देर रात अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किय परंतु शुक्रवार सुबह अनुपम मेहता जिंदगी की जंग हार गए।

लैफ्टिनैंट अनुपम मेहता के पिता प्रमोद सिंह मेहता ने भारी मन से बताया कि उनके बेटे की पार्थिव देह शनिवार देर रात तक भारतीय सेना के होलटा कैंप पहुंचने की संभावना है। इसके पश्चात रविवार सुबह तक पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव मतेहड़ लाया जाएगा। इस दुखद घड़ी में अनुपम मेहता अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां, एक बेटा, माता-पिता और दो भाई शामिल हैं। जवान बेटे के इस तरह अचानक चले जाने से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

31 अक्तूबर, 2026 को होना था रिटायर
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देशसेवा का जज्बा लिए अनुपम मेहता ने वर्ष 1998 में भारतीय सेना में प्रवेश किया था। अपनी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट सेवाओं के दम पर उन्हें इसी वर्ष 26 जनवरी को लैफ्टिनैंट के पद से अलंकृत किया गया था। वह 31 अक्तूबर, 2026 को अपना शानदार सेवाकाल पूर्ण कर सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। 

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!