हिमाचल प्रदेश में सर्वे के अनुसार 53 प्रतिशत किशोर मानसिक तनाव में : शांता

Edited By Kuldeep, Updated: 02 May, 2026 10:59 PM

palampur survey 53 percent of teenagers experience mental stress

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की युवा पीढ़ी के संबंध में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सर्वे हुआ है, जिसके परिणाम चौंकाने वाले और बहुत चिंताजनक हैं।

पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की युवा पीढ़ी के संबंध में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सर्वे हुआ है, जिसके परिणाम चौंकाने वाले और बहुत चिंताजनक हैं। पीजीआई और नैशनल हैल्थ मिशन के अध्ययन के अनुसार हिमाचल की युवा शक्ति भयंकर तनाव की शिकार है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के 11 हजार किशाेरों पर किए गए इस सर्वे के अनुसार 53 प्रतिशत किशोर मानसिक तनाव में जूझ रहे हैं। 14 प्रतिशत तो अवसाद अर्थात डिप्रैशन के शिकार हैं।

सबसे चिंता का विषय यह है कि 5 प्रतिशत किशोरों में आत्महत्या के विचार पाए गए। इनमें 15 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के किशोर आत्महत्या के विचारों से अधिक प्रभावित पाए गए। शांता कुमार ने कहा कि इस मानसिक तनाव के कारणों में अपने करियर को लेकर चिंता चारों तरफ बढ़ती बेरोजगारी के कारण अपने भविष्य के संबंध में चिंता सर्वे के अनुसार अधिकतर किशोर किसी न किसी तनाव में जी रहे हैं।

शांता कुमार ने कहा कि सच्चाई यह है कि टिड्डी दल की तरह बढ़ती जनसंख्या से बढ़ती बेरोजगारी का प्रबंध नहीं हो रहा है। इस कारण आत्महत्याओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस संबंध में सरकार और समाज को गंभीर चिंतन करना होगा। शांता कुमार ने सरकार और समाज से विशेष आग्रह किया है कि इस संकट की तरफ विशेष ध्यान दिया जाए। मेरा सुझाव है कि आज की युवा पीढ़ी को संभालने के लिए योग और नैतिक शिक्षा को एक अनिवार्य विषय बना कर बच्चों को पढ़ाया जाए और बढ़ती जनसंख्या को रोका जाए।

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