Edited By Vijay, Updated: 22 Mar, 2026 12:29 PM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के कोटली उपमंडल में बीते दिनों हुई बारिश और पहाड़ी की कटिंग लोगों के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। कोटली उपमंडल के तहत आने वाली सुराडी ग्राम पंचायत के रोपड़ू गांव में एक भीषण लैंडस्लाइड हुआ है....
मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के कोटली उपमंडल में बीते दिनों हुई बारिश और पहाड़ी की कटिंग लोगों के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। कोटली उपमंडल के तहत आने वाली सुराडी ग्राम पंचायत के रोपड़ू गांव में एक भीषण लैंडस्लाइड हुआ है, जिसके बाद पूरा गांव खौफ के साये में है। इस खौफनाक घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस भीषण लैंडस्लाइड की चपेट में आने से गांव की एक गौशाला पूरी तरह से जमींदोज हो गई है। गनीमत यह रही कि अभी तक किसी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन पहाड़ी के दरकने से ठीक नीचे बसे गांव को सीधा खतरा पैदा हो गया है। पहाड़ी पर अभी भी कई बड़ी-बड़ी चट्टानें और भारी मलबा खतरनाक तरीके से अटका हुआ है, जो लगातार खतरे की घंटी बजा रहा है और किसी भी वक्त नीचे आ सकता है।
लोगों का आरोप, हाईवे निर्माण कंपनी की कटिंग बनी मुख्य वजह
स्थानीय लोग इस भीषण तबाही की मुख्य वजह गांव के ठीक ऊपर से गुजर रहे हाईवे के निर्माण कार्य को मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाईवे निर्माणाधीन कंपनी द्वारा यहां पहाड़ी की कटिंग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस स्थान पर पहले भी लैंडस्लाइड हो चुका था, जिसके बाद कंपनी ने उस विशेष जगह पर कटिंग का काम रोक दिया था। हालांकि, कंपनी द्वारा इस साइट के आगे और पीछे कटिंग का काम लगातार जारी था। इस बीच क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी नरम पड़ गई और हाईवे कटिंग के चलते कमजोर हो चुकी यह पहाड़ी एक बड़े लैंडस्लाइड के रूप में नीचे आ गिरी।
पंचायत घर में ठहराए प्रभावित परिवार
उधर, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया। कोटली के एसडीएम जगदीश चंद्र और सुराड़ी ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान पूजा देवी ने दलबल के साथ मौके का मुआयना किया। खतरे की गंभीरता और लटकी हुई चट्टानों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तुरंत प्रभाव से 9 घरों को खाली करवा दिया है। सुराड़ी पंचायत की पूर्व प्रधान पूजा देवी ने बताया कि बेघर हुए प्रभावित परिवारों के ठहरने की सुरक्षित व्यवस्था फिलहाल पंचायत घर में कर दी गई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि हाईवे निर्माण कंपनी को सही और वैज्ञानिक ढंग से कटिंग करने के सख्त निर्देश दिए जाएं, ताकि आने वाले समय में ग्रामीणों को इस तरह की परेशानियों और जानमाल के खतरे का सामना न करना पड़े।
पोकलेन मशीनों से हटाए जाएंगे बोल्डर
एसडीएम कोटली जगदीश चंद्र ने स्थिति की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि जिन 9 घरों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा था, उन्हें पूरी तरह से खाली करवा लिया गया है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि लैंडस्लाइड के कारण सड़क पर जो बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मलबा गिरा है, उसे हटाने के लिए पोकलेन मशीनों की मदद ली जाएगी, ताकि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाया जा सके। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से प्रभावित क्षेत्र की ओर न जाने की अपील की गई है।
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