Edited By Jyoti M, Updated: 24 Apr, 2026 02:51 PM

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रसोई गैस (LPG) की किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की नेशनल पीएनजी ड्राइव के तहत अब जिले में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और गाड़ियों के लिए सीएनजी (CNG) स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रसोई गैस (LPG) की किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की नेशनल पीएनजी ड्राइव के तहत अब जिले में पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) और गाड़ियों के लिए सीएनजी (CNG) स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
इन 6 स्थानों पर खुलेंगे गैस स्टेशन
प्रशासन ने पंप लगाने के लिए छह प्रमुख जगहों की पहचान की है, जहां जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज (यहां के लिए प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है)। सौली खड्ड (HRTC की जमीन) और जेल रोड। सुंदरनगर में बीबीएमबी कॉलोनी और डेंटल कॉलेज। डैहर के फोरलेन के पास गैस स्टेशन खुलेंगे।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
वर्तमान में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मंडी जिले में मांग की तुलना में केवल 80% सिलेंडर ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। इस कमी को दूर करने और भविष्य में निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?
चुनिंदा पंपों पर बड़े टैंक बनाए जाएंगे, जिन्हें ट्रकों के जरिए रिफिल किया जाएगा। पीएनजी के जरिए सीधे घरों तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी। एक बार कनेक्शन मिलने के बाद, उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने या खत्म होने का डर नहीं रहेगा; उन्हें 24 घंटे गैस मिलती रहेगी।
प्रशासनिक कार्यवाही जारी
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, बृजेंद्र पठानिया के अनुसार, इन पंपों को खोलने के लिए संबंधित विभागों (जैसे एचआरटीसी और मेडिकल कॉलेज) के साथ पत्राचार और कागजी कार्यवाही तेजी से की जा रही है। जल्द ही कंपनी लोगों को पीएनजी के फायदों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएगी।