Edited By Kuldeep, Updated: 07 Feb, 2026 05:21 PM

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की नीतिगत विफलताओं के कारण राज्य गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
जोगिंद्रनगर (विनोद): पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की नीतिगत विफलताओं के कारण राज्य गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि आने वाले समय में कर्मचारियों की तनख्वाह, पैंशन और भत्तों पर भी संकट खड़ा हो सकता है। जोगिंद्रनगर में कार्यकर्त्ताओं को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में बड़ी उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जो भी विकास कार्य चल रहे हैं, वे पूरी तरह केंद्र सरकार के सहयोग से ही संभव हो पा रहे हैं। चाहे वर्ल्ड बैंक की सहायता से सड़कों का निर्माण हो या फिर सीआईआरएफ, नाबार्ड और जल शक्ति मिशन जैसी योजनाएं इन सभी में धन केंद्र से ही आ रहा है।
प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से कोई ठोस विकास कार्य करने में पूरी तरह असमर्थ साबित हुई है। जयराम ठाकुर ने केंद्र पर भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस वित्त वर्ष में केंद्र सरकार ने 17 राज्यों की आरडीजी स्कीमें रोकी हैं, जिनमें अधिकांश भाजपा शासित राज्य हैं। ऐसे में यह कहना कि केंद्र सरकार हिमाचल के साथ भेदभाव कर रही है, पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के अपने ही मंत्री और विधायक अपनी सरकार से बेहद असंतुष्ट हैं, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश की राजनीति में किसी भी समय बड़ा धमाका हो सकता है। जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनाव के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार पंचायत चुनाव पर अड़ंगा डाल रही है, जिसके चलते मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग के बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है। प्रदेश की जनता से पिछली विधानसभा में जो चूक हुई थी, वह अब दोबारा नहीं होगी क्योंकि जनता मौजूदा सरकार से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य विजय भाटिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा, महामंत्री शक्ति राणा तथा नवीन सिंह, अंजना शर्मा, आशा ठाकुर व कुंती देवी भी उपस्थित रहे।