हिमाचल में हर साल बढ़ रहे कैंसर केस: ये आदतें बचाएंगी आपकी जान

Edited By Jyoti M, Updated: 05 Feb, 2026 03:55 PM

cancer cases are increasing every year in himachal pradesh

कैंसर का नाम सुनते ही मन में जो डर बैठ जाता है, उसे अब विज्ञान और सावधानी के मेल से बदला जा सकता है। अक्सर हम मानते हैं कि यह बीमारी केवल किस्मत का खेल है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हालिया शोध ने एक चौंकाने वाला और सकारात्मक खुलासा किया...

हिमाचल डेस्क। कैंसर का नाम सुनते ही मन में जो डर बैठ जाता है, उसे अब विज्ञान और सावधानी के मेल से बदला जा सकता है। अक्सर हम मानते हैं कि यह बीमारी केवल किस्मत का खेल है, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हालिया शोध ने एक चौंकाने वाला और सकारात्मक खुलासा किया है।

शोध के अनुसार, अगर हम अपनी जीवनशैली में सुधार करें और कुछ जरूरी सावधानियां बरतें, तो कैंसर के लगभग 40% मामलों को होने से पहले ही रोका जा सकता है। हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य के लिए, जहाँ हर साल 10,000 से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं, यह रिपोर्ट किसी संजीवनी से कम नहीं है।

जीवनशैली में बदलाव: बचाव का सबसे मजबूत हथियार

शिमला स्थित आईजीएमसी के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मुनीश गुप्ता के अनुसार, वैश्विक स्तर पर हुए एक गहन विश्लेषण में यह पाया गया है कि कैंसर के 30 ऐसे कारक हैं जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं। साल 2022 के आंकड़ों को देखें तो दुनिया भर के लगभग 71 लाख मामले ऐसे थे, जिन्हें केवल सतर्कता से टाला जा सकता था।

शोध में कैंसर के मुख्य विलेन के रूप में इन कारकों को पहचाना गया है

तंबाकू और धूम्रपान अकेले 15% कैंसर के लिए जिम्मेदार हैं, जबकि शराब 3% जोखिम बढ़ाती है। बढ़ता मोटापा, शारीरिक मेहनत की कमी, जहरीली हवा और सूरज की हानिकारक किरणें (UV Radiation)। लगभग 10% मामले विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन्स की वजह से होते हैं।

हिमाचल प्रदेश की मौजूदा स्थिति और चुनौतियां

पहाड़ी राज्य हिमाचल में कैंसर की जड़ें गहरी होती जा रही हैं। अकेले आईजीएमसी शिमला में ही प्रतिवर्ष 3,000 नए मरीज अपना पंजीकरण करा रहे हैं।

यह राज्य में सबसे अधिक पाया जाने वाला प्रकार है, जो पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी अपना शिकार बना रहा है। हर साल औसतन 200 मामले स्तन कैंसर और लगभग इतने ही मामले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के सामने आ रहे हैं।

सुरक्षा कवच: ये आदतें बचाएंगी आपकी जान

विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर से लड़ने के लिए अस्पताल जाने से बेहतर है कि हम अपने घर और आदतों में बदलाव करें। सुरक्षित रहने के लिए इन उपायों को अपनाना अनिवार्य है:

डिब्बाबंद भोजन (पैक्ड फूड) और प्रिजर्वेटिव्स वाले खाने से दूरी बनाएं। घर का बना ताजा भोजन ही सर्वोत्तम है। गर्म खाने या पीने की चीजों के लिए प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग बंद करें, क्योंकि यह धीमे जहर का काम करता है। रोजाना व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि मोटापा और सुस्ती शरीर पर हावी न हो सके।

संक्रामक रोगों से बचने के लिए व्यक्तिगत साफ-सफाई और सुरक्षित यौन व्यवहार का पालन करें। किसी भी रूप में तंबाकू या मदिरा का सेवन कैंसर को सीधा निमंत्रण है।

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