Edited By Kuldeep, Updated: 04 Feb, 2026 06:15 PM

भारत की जनगणना 2027 को लेकर हिमाचल प्रदेश में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं।
शिमला (राक्टा): भारत की जनगणना 2027 को लेकर हिमाचल प्रदेश में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। इसके तहत प्रदेश के शहरों से लेकर दूरदराज के गांवों तक जनगणना अधिकारी घर-घर पहुंचकर 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्र करेंगे। इसका उद्देश्य हिमाचल के हर घर और हर परिवार की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक तस्वीर तैयार करना है। इस बार मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना के माध्यम से घर की बनावट से लेकर परिवार की संरचना तक ब्यौरा दर्ज होगा।
जनगणना के दौरान भवन और जनगणना मकान नंबर, फर्श, दीवार और छत में प्रयुक्त सामग्री, मकान का उपयोग और उसकी वर्तमान स्थिति दर्ज की जाएगी। इसके साथ परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अथवा अन्य) की जानकारी ली जाएगी। मकान के स्वामित्व, परिवार के पास उपलब्ध कमरों की संख्या और विवाहित दंपतियों का विवरण भी शामिल रहेगा। इसके अलावा परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज का विवरण और जनगणना से जुड़े संचार के लिए मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा।
सुविधाओं-संसाधनों की भी जुटाई जाएगी जानकारी
मकान सूचीकरण में पेयजल का मुख्य स्रोत और उसकी उपलब्धता, बिजली और प्रकाश व्यवस्था, शौचालय व स्नानगृह की सुविधा, गंदे पानी की निकासी, रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कनैक्शन, खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले ईंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी जानकारी जुटाई जाएगी।
प्रशासनिक अमला संभालेगा कमान
इस बड़े अभियान के लिए राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, नगर आयुक्तों, जिला, उपमंडल और तहसील स्तर के अधिकारियों को जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय मानकों के अनुसार पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से कार्य सुनिश्चित करें।