Himachal Panchayat Election 2026: नामांकन वापसी के अंतिम दिन निर्विरोध चुनी गईं 66 पंचायतें, मिलेंगे 25-25 लाख रुपए

Edited By Vijay, Updated: 16 May, 2026 10:00 AM

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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन प्रदेशभर से 66 पंचायतें सर्वसम्मति (निर्विरोध) से चुन ली गई हैं।

सोलन/शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन प्रदेशभर से 66 पंचायतें सर्वसम्मति (निर्विरोध) से चुन ली गई हैं। इन सभी निर्विरोध चुनी गई पंचायतों को प्रदेश सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए 25-25 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अभी तक मिले डाटा के अनुसार प्रदेश में 104 पंचायतें निर्विरोध चुनी जा चुकी हैं। इसमें कांगड़ा और किन्नौर जिलों का डाटा अभी नहीं मिल पाया है। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार जिन पंचायतों में सर्वसम्मति नहीं बन पाई है, वहां 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में मतदान करवाया जाएगा।

शिमला अव्वल, हमीरपुर में एक भी पंचायत निर्विरोध नहीं
निर्विरोध पंचायतें चुनने के मामले में शिमला जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है, जहां सर्वाधिक 42 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं। वहीं, हमीरपुर प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां एक भी पंचायत में सर्वसम्मति नहीं बन पाई और कोई पंचायत निर्विरोध नहीं चुनी गई।

किस जिले में कितनी पंचायतें चुनी गईं निर्विरोध
शिमला जिले में नाहौल, मतियाना, देवरीघाट, भोगड़ा, क्यारा, ग्वाईदेवी मोड, बलग, घूंड, कूट, बधाल, अंटापू-बटाड़ी, जगोठी, रनोल, धमवाड़ी, खरशाली, थाना, अम्बोई, दियूदी-मायला, पेखा, भौलड़ व कोटखाई सहित 42 पंचायतें शामिल हैं। सिरमौर जिले में 24 पंचायतें निर्विरोध बनी हैं। राजगढ़ ब्लॉक की काथली भरण पंचायत में प्रधान पद के लिए 16 लोगों ने नामांकन भरा था, लेकिन सहमति बनने पर 15 ने नाम वापस ले लिए। लाहौल-स्पीति  में 17 पंचायतें निर्विरोध बनी हैं। यहां लाहौल की 8 और स्पीति की 9 पंचायतें शामिल हैं। डीसी किरण भड़ाना ने बताया कि जिले में 170 वार्ड सदस्यों में से 148 निर्विरोध चुने गए हैं। सिस्सू से एक बीडीसी सदस्य भी निर्विरोध बना है। सोलन  में 11 पंचायतें निर्विरोध बनी हैं। इसमें अर्की की बरायली, दून की नंदपुर व लेही, सोलन ब्लॉक की धार बखूणा और नालागढ़ की भोगपुर पंचायत सर्वसम्मति से चुनी गई। ऊना जिला में उदयपुर, हरोली की जखेवाल व लोअर पंडोगा, कुटलैहड़ की बोहरू और ऊना की पूना-बीनेबाल पंचायत के ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए बिना वोटिंग के प्रतिनिधि चुने। मंडी  जिला में द्रंग की चेली (चैहड़गलू) और जोगिंद्रनगर की गोलवां (विधायक प्रकाश राणा की गृह पंचायत) निर्विरोध चुनी गई। ऊपरी धार पंचायत के प्रधान पद पर खेमचंद निर्विरोध चुने गए हैं। कुल्लू जिला में शियाह और नेऊली (प्रधान, उपप्रधान व सभी पांच पंच निर्विरोध)। चम्बा जिला में करवाल पंचायत (प्रधान, उपप्रधान व सभी 7 वार्ड सदस्य)। बिलासपुर  जिला में  नाम वापसी के अंतिम दिन केवल छंदोह पंचायत निर्विरोध चुनी गई। वहीं कांगड़ा जिला में प्रागपुर ब्लॉक की वगली पंचायत सर्वसम्मति से चुनी गई। वहीं बैजनाथ ब्लॉक में 98 वार्ड मैंबर निर्विरोध बने हैं।

सबसे ज्यादा वार्ड मैंबर बने निर्विरोध
आंकड़ों के मुताबिक, निर्विरोध चुनाव में सबसे ज्यादा संख्या वार्ड सदस्यों (पंचों) की है। हालांकि कई पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और बीडीसी सदस्य भी बिना चुनाव लड़े चुन लिए गए हैं।

2000 से ज्यादा नामांकन वापस, प्रत्याशियों को मिले चुनाव चिन्ह
शुक्रवार दोपहर 3 बजे नामांकन वापसी का समय समाप्त होते ही मैदान में बचे सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिए गए हैं। प्रदेश भर में कुल 85,462 दावेदारों ने नामांकन किया था, जिनमें से 2 हजार से ज्यादा ने नाम वापस ले लिए हैं। चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रदेश भर में प्रत्याशियों ने अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। स्टेट इलैक्शन कमीशन के अनुसार फील्ड से रिपोर्ट के बाद नामांकन वापस लेने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ेगा।

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