Edited By Jyoti M, Updated: 02 Jan, 2026 03:13 PM

नए साल का पहला दिन सैंज घाटी की वादियों में घूमने आए पर्यटकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। रोपा-सराहन मार्ग पर एक जर्जर लकड़ी की पुलिया ने सैलानियों की सांसें थाम दीं, लेकिन स्थानीय युवाओं की बहादुरी और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
हिमाचल डेस्क। नए साल का पहला दिन सैंज घाटी की वादियों में घूमने आए पर्यटकों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। रोपा-सराहन मार्ग पर एक जर्जर लकड़ी की पुलिया ने सैलानियों की सांसें थाम दीं, लेकिन स्थानीय युवाओं की बहादुरी और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
हवा में लटक गई गाड़ी, सहम गए सैलानी
वीरवार को उत्तर प्रदेश से आए चार पर्यटक अपनी कार में सवार होकर सराहन की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी 'बिजली' नामक स्थान पर पहुंची, नाले पर बनी पुरानी लकड़ी की छोटी पुलिया अचानक चरमरा कर टूट गई। पलक झपकते ही गाड़ी के टायर बीच हवा में झूलने लगे और कार नाले में समाने ही वाली थी। वाहन के अंदर मौजूद पर्यटक इस मंजर को देख बुरी तरह डर गए।
युवाओं ने दिखाया अदम्य साहस
संकट की घड़ी में स्थानीय ग्रामीण और युवा तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। भारी मशक्कत के बाद युवाओं ने लकड़ी के स्लीपरों और देशी जुगाड़ की मदद से पहले डरे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर हवा में लटकी गाड़ी को भी खींचकर सड़क पर वापस लाया। युवाओं की इस तत्परता ने चार जिंदगियां बचा लीं।
प्रशासनिक अनदेखी पर उठे सवाल
यह घटना पंचायत के अधीन आने वाली सड़क की बदहाली को उजागर करती है। ग्रामीणों का कहना है कि:
पुलिया की लकड़ियां सालों पहले सड़ चुकी हैं, लेकिन मरम्मत नहीं हुई।
सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि हर मोड़ पर खतरा बना रहता है।
पर्यटन सीजन में ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
घटना के बाद पर्यटकों ने राहत की सांस ली और सराहन की तरफ प्रस्थान किया। स्थानीय निवासियों ने अब जिला प्रशासन और सरकार से इस मार्ग की दशा सुधारने की पुरजोर मांग की है ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े।