Edited By Kuldeep, Updated: 12 Feb, 2026 10:00 PM

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शी और अनुचित साधनों के प्रयोग से मुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शिमला (प्रीति): हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शी और अनुचित साधनों के प्रयोग से मुक्त संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और कड़े निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने राज्य भर में परीक्षाओं के लिए एक मजबूत और प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी तंत्र स्थापित किया है। इसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों के लिए सभी परीक्षा हॉलों और निर्धारित कमरों को कवर करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। संस्थानों के प्रमुखों को सीसीटीवी प्रणालियों की स्थापना, रखरखाव और निर्बाध संचालन के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया है, जिसमें पर्याप्त बिजली बैकअप और जैनरेटर की व्यवस्था भी शामिल है।
परीक्षाओं की पूरी अवधि के दौरान निरंतर निगरानी, साथ ही निदेशालय और हिमाचल प्रदेश विद्यालय शिक्षा बोर्ड के साथ वास्तविक समय डाटा की लाइव स्ट्रीमिंग और सांझाकरण की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। सभी परीक्षाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रूप से संरक्षित करना और मांग किए जाने पर प्रस्तुत करना आवश्यक है। निगरानी के लिए निदेशालय स्तर पर एक सैंट्रलाइज्ड रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया गया है। स्कूल एजुकेशन डायरैक्टर की सीधी देखरेख में सीनियर अधिकारियों वाली डैडिकेटिड स्टेट लेवल मॉनिटरिंग टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें एग्जाम सैंटर से लाइव फीड मॉनिटर करेंगी, तय नियमों का पालन वैरिफाई करेंगी और जहां भी कोई गड़बड़ी या संदिग्ध एक्टिविटी दिखेगी तुरंत एक्शन लेंगी।
स्कूल लेवल पर बनेगी को-ऑर्डीनेशन कमेटी, नोडल ऑफिसर होंगे नियुक्त
इस दौरान निदेशालय, जिला और स्कूल लेवल पर कड़ी निगरानी और को-ऑर्डीनेशन के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किए जा रहे हैं। स्कूल एजुकेशन के सभी डिप्टी डायरैक्टर को इस दौरान कंप्लेंट नंबर नोटिफाई करने और शिकायतों का तुरंत निपटारा करने का निर्देश दिया है।
नकल, मास कॉपी या एग्जाम से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी की रिपोर्ट करने के लिए ऑफिशियल ई-मेल जारी
स्टूडैंट्स, पेरैंट्स और आम जनता की सुविधा के लिए, डायरैक्टरेट ने नकल, मास कॉपी या एग्जाम से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी की रिपोर्ट करने के लिए ऑफिशियल ई-मेल के साथ 2 डैडिकेटिड हैल्पलाइन नंबर नोटिफाई किए हैं। ये हैल्पलाइन पूरे एग्जाम के दौरान ऑफिस टाइम में चालू रहेंगी। सभी स्कूलों और जिला कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों पर इन कॉन्टैक्ट डिटेल्स को साफ-साफ दिखाएं और शिकायत सुलझाने के तरीके का बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार करें।
गलती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ संबंधित कंडक्ट और सर्विस रूल्स के तहत सख्त डिसिप्लिनरी एक्शन
डायरैक्टरेट ने यह साफ कर दिया है कि सीसीटीवी कैमरे न लगाना या उनका खराब होना, सुपरविजन में लापरवाही, वीडियो रिकॉर्डिंग को सेव न करना या किसी भी तरह की गड़बड़ी को बढ़ावा देने जैसी कोई भी चूक ड्यूटी में गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। गलती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ संबंधित कंडक्ट और सर्विस रूल्स के तहत सख्त डिसिप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा। प्रिंसीपल, सैंटर सुपरिंटैंडैंट, इनविजिलेटर या कोई भी दूसरा स्टाफ जो नकल करवाने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ तुरंत डिपार्टमैंटल कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा में गड़बड़ी सिर्फ एडमिनिस्ट्रेटिव वायलेशन नहीं है, बल्कि यह गंभीर क्रिमिनल जुर्म है।
डिपार्टमैंटल एक्शन के अलावा पुलिस में तुरंत क्रिमिनल केस दर्ज करना जरूरी
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली का कहना है कि हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, बोर्ड या अन्य स्पैसिफाइड एग्जामिनेशन में गड़बड़ी की रोकथाम एक्ट, 1984, क्लास 10वीं और क्लास 12वीं सहित सभी बोर्ड एग्जामिनेशन पर पूरी तरह लागू होता है। इस एक्ट के तहत क्वेश्चन पेपर लीक होना, किसी और की नकल करना, बड़े पैमाने पर नकल करवाना और गलत तरीकों का इस्तेमाल करना जैसे काम सजा के लायक हैं। गड़बड़ी के सभी गंभीर मामलों में डिपार्टमैंटल एक्शन के अलावा पुलिस में तुरंत क्रिमिनल केस दर्ज करना जरूरी कर दिया गया है। गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वाले स्टूडैंट्स के खिलाफ हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के एग्जामिनेशन बाय-लॉज के हिसाब से सख्ती से एक्शन लिया जाएगा, जिसमें एग्जाम कैंसिल करना, डिबारमैंट और दूसरी तय सजाएं शामिल हैं।