कर्मचारियों व पैंशनर्ज को वेतन आयोग का एरियर देने में टालमटोल कर रही सरकार : राजेंद्र राणा

Edited By Kuldeep, Updated: 25 Jul, 2022 04:21 PM

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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष व सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों व पैंशनर्ज को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक 2016 से लंबित उनका एरियर देने में लगातार टालमटोल कर रही है जो...

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष व सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों व पैंशनर्ज को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक 2016 से लंबित उनका एरियर देने में लगातार टालमटोल कर रही है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि खुद को हर मंच पर कर्मचारियों का सबसे बड़ा हितैषी कहने वाली भाजपा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारियों और पैंशनर्ज को सर्वाधिक निराशा हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से तो हर वर्ग परेशान है ही, लेकिन वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक कर्मचारियों व पैंशनर्ज को अभी तक एरियर के भुगतान के लिए सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए हैं जिससे कर्मचारी वर्ग में असंतोष बढ़ रहा है।

 राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ प्रदेश की भाजपा सरकार केंद्र व प्रदेश में उनकी डबल इंजन सरकार होने का ढोल पीटती है, दूसरी तरफ डबल इंजन भी लगातार हांफता दिख रहा है। ओल्ड पैंशन स्कीम की बहाली को लेकर कर्मचारी सड़कों पर उतरे हुए हैं। आऊटसोर्स कर्मी भी लगातार सरकार को झिंझोड़ रहे हैं। हजारों परिवार करुणामूलक आधार पर नौकरी पाने की बाट जोह रहे हैं लेकिन भाजपा सिर्फ सपने दिखाने वाली पार्टी बनकर रह गई है।

राजेंद्र राणा ने कहा कि ओल्ड पैंशन स्कीम लागू करने में नाकाम रहने वाली प्रदेश भाजपा सरकार से कम से कम इतनी उम्मीद तो थी कि वह कर्मचारियों व पैंशनर्ज को एरियर का एकमुश्त भुगतान करके उन्हें राहत प्रदान करेगी लेकिन भाजपा सरकार ने यहां पर भी कर्मचारियों व पैंशनर्ज को निराश किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई विभागों में आऊटसोर्स व पार्ट टाइम जो लोग रखे जा रहे हैं , उन्हें मात्र 3-4 हजार वेतन देकर सरकार खुद उनका शोषण करने में लगी है। इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है कि एक तरफ सरकार न्यूनतम वेतन देने की बात करती है, दूसरी तरफ खुद ही आऊटसोर्स व पार्ट टाइम कर्मचारियों का शोषण भी करती है और उनके हितों की अनदेखी करती है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूर भी सरकार की उदासीनता का दंश झेल रहे हैं। महंगाई की बढ़ती मार के बीच मनरेगा की दिहाड़ी भी महज 203 रुपए है जो न्यूनतम वेज से भी कम है। उन्होंने कहा कि भाजपा से निराश कर्मचारी, पैंशनर्ज, आऊट सोर्स कर्मी और मनरेगा दिहाड़ीदार भी अब बड़ी शिद्दत से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने और भाजपा को अलविदा कहने का इंतजार कर रहे हैं।

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