Edited By Jyoti M, Updated: 01 Jan, 2026 12:59 PM

जिला की सैंज घाटी के मातला गांव में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अंधेरे को चीरती हुई आग की लपटें आसमान छूने लगीं। यह भीषण अग्निकांड स्थानीय निवासी सब्जा चंद के पशुगृह (गौशाला) में घटित हुआ।
हिमाचल डेस्क। जिला की सैंज घाटी के मातला गांव में देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अंधेरे को चीरती हुई आग की लपटें आसमान छूने लगीं। यह भीषण अग्निकांड स्थानीय निवासी सब्जा चंद के पशुगृह (गौशाला) में घटित हुआ। हालांकि इस हादसे ने संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया है, लेकिन ग्रामीणों की मुस्तैदी ने एक बड़े विनाश को टलने से रोक लिया।
आधी रात को मचा कोहराम
जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तभी अचानक सब्जा चंद के घर के समीप स्थित गौशाला से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पीड़ित परिवार की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और देवदूत बनकर मौके पर पहुंचे।
सूझबूझ से बची चार परिवारों की छत
इस घटना की सबसे बड़ी चुनौती आग का फैलाव थी। गौशाला के बिल्कुल समीप चार अन्य रिहायशी मकान थे। अगर आग पर समय रहते काबू न पाया जाता, तो पूरा मोहल्ला इसकी चपेट में आ सकता था। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए पानी की बौछारें शुरू कीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को रिहायशी मकानों तक पहुँचने से पहले ही रोक दिया।
नुकसान का विवरण
पशुगृह: पूरी तरह जलकर खाक हो गया है।
सामग्री: गौशाला के भीतर रखा कृषि उपकरण और चारा पूरी तरह नष्ट हो गया है।
राहत: गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ और सभी सुरक्षित हैं।
फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है। स्थानीय प्रशासन को इस घटना की सूचना दे दी गई है ताकि प्रभावित परिवार को हुए नुकसान का आकलन किया जा सके।