गर्व का पल: हिमाचल की बेटी ने बढ़ाया मान, बड़सर की डॉ. शिखा शर्मा को मिला यंग साइंटिस्ट अवार्ड

Edited By Vijay, Updated: 28 Mar, 2026 03:59 PM

dr shikha sharma from barsar received young scientist award

यदि इरादे मजबूत हों और मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो ग्रामीण परिवेश की सीमाएं सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बन सकतीं। इस कथन को हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर की ग्राम पंचायत गारली के कोटलू गांव की होनहार बेटी डॉ. शिखा शर्मा...

बड़सर (सुभाष): यदि इरादे मजबूत हों और मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो ग्रामीण परिवेश की सीमाएं सफलता की राह में कभी बाधा नहीं बन सकतीं। इस कथन को हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर की ग्राम पंचायत गारली के कोटलू गांव की होनहार बेटी डॉ. शिखा शर्मा ने सच कर दिखाया है। अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर डॉ. शिखा को हाल ही में डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी (सोलन) के पैथोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिष्ठित यंग साइंटिस्ट अवार्ड (युवा वैज्ञानिक पुरस्कार) से सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।

डॉ. शिखा शर्मा का शैक्षणिक सफर बेहद उत्कृष्ट और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और 12वीं तक की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिझड़ी से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) लुधियाना का रुख किया, जहां से उन्होंने बायोलॉजी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाली डॉ. शिखा अपने शैक्षणिक काल में गोल्ड मैडलिस्ट भी रही हैं, जो उनकी असाधारण प्रतिभा का सीधा प्रमाण है। वर्तमान में वह हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में बतौर असिस्टैंट प्रोफैसर अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रही हैं।

डॉ. शिखा शर्मा एक कर्मठ और समाज सेवा से जुड़े परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता मनोज कुमार शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग में अपनी सराहनीय सेवाएं दी हैं। वहीं, उनकी माता सुषमा कुमारी शर्मा वर्तमान में शिक्षा विभाग के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गारली में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार डॉ. शिखा के पति भी पालमपुर में ही वैटर्नरी डॉक्टर (पशु चिकित्सक) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। परिवार के इस सकारात्मक और शिक्षित माहौल ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।

नौणी विश्वविद्यालय के सेमिनार में मिला यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान न केवल डॉ. शिखा के परिवार के लिए, बल्कि पूरे हमीरपुर जिले और प्रदेश लिए एक बड़े गर्व का विषय है। डॉ. शिखा का यह सफर क्षेत्र के युवाओं के लिए एक रचनात्मक, सकारात्मक और प्रेरणात्मक उदाहरण पेश करता है। इस शानदार उपलब्धि पर ग्राम पंचायत गारली के उपप्रधान राजेश कुमार धीमान और समस्त क्षेत्रवासियों ने डॉ. शिखा शर्मा को ढेरों बधाइयां दी हैं। स्थानीय लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि उनकी इस सफलता से ग्रामीण क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी जीवन में आगे बढ़ने और बड़े मुकाम हासिल करने का भारी प्रोत्साहन मिलेगा।

हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!