Edited By Vijay, Updated: 06 Feb, 2026 03:47 PM

जिला प्रशासन एवं शिवरात्रि मेला कमेटी की भेंट स्वीकार करने के उपरांत आराध्य देव कमरूनाग शुक्रवार को अपनी कोठी गोत से अंतर्राष्ट्रीय मेला स्थल मंडी के लिए रवाना हो गए हैं।
गोहर (ख्यालीराम): जिला प्रशासन एवं शिवरात्रि मेला कमेटी की भेंट स्वीकार करने के उपरांत आराध्य बड़ा देव कमरूनाग शुक्रवार को अपनी कोठी गोत से अंतर्राष्ट्रीय मेला स्थल मंडी के लिए रवाना हो गए हैं। मेला प्रवास से पूर्व बड़ा देव कमरूनाग के लाठियों द्वारा पूजा-अर्चना की और उसके बाद काहूली की मधुर ध्वनि के साथ बड़ा देव अपने लाव-लश्कर के साथ महाशिवरात्रि पर्व के लिए रवाना हुए। प्रवास के दौरान देवता करीब 25 मेहमाननवाजियों में शरीक होते हुए 14 फरवरी को सायं 3 बजे राजदेवता माधवराय मंदिर में हाजिरी भरेंगे और टारना माता के मंदिर में विराजित रहेंगे। हालांकि देवता मेला रवानगी के पहले ही दिन चैलचौक पहुंच गए हैं। यहां लगातार 2 दिन की मेहमाननवाजी के उपरांत बड़ा देव 8 फरवरी को चैलचौक से बटेहड़ा, 9 को बग्गी, 10 को नलसर, 11 को चंडयाल, 12 को बैहना तथा 13 को गुटकर में रात्रि ठहराव के उपरांत 14 फरवरी को दोपहर बाद 3 बजे मंडी के पुलघराट में पहुंचेंगे।
इस बार गूर नहीं पुजारी की अगुवाई में हाेगा आगमन
बता दें कि इस बार बड़ा देव किसी गूर की बजाय देवता के पुजारी बोधराज ठाकुर की अगुवाई में अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव मंडी के लिए रवाना हुए हैं। देवता लगभग 20 दिनों तक पुलिस के पहरे, साथ ही हलका पटवारी अथवा कानूनगो की निगरानी में रहेंगे। यह प्रथा रियासत काल से लेकर निरंतर जारी है। देव कमरूनाग अपने मूल स्थान से पुलिस प्रशासन के कड़े पहरे में देवलुओं के दल के साथ निकल चुके हैं।