Edited By Vijay, Updated: 31 Jul, 2021 08:36 PM

जिले में बारिश ने काफी कहर बरपाया है। बारिश के कारण चम्बा-पठानकोट एनएच पर चनेड के निकट एक बार फिर नाले में बाढ़ आ गई। इससे सारा मलबा सड़क पर आ गया और सड़क दलदल में तब्दील हो गई। इस कारण यह मार्ग घंटों बंद रहा। वहीं भूस्खलन से चम्बा-जोत मार्ग पर भी...
चम्बा (नीलम): जिले में बारिश ने काफी कहर बरपाया है। बारिश के कारण चम्बा-पठानकोट एनएच पर चनेड के निकट एक बार फिर नाले में बाढ़ आ गई। इससे सारा मलबा सड़क पर आ गया और सड़क दलदल में तब्दील हो गई। इस कारण यह मार्ग घंटों बंद रहा। वहीं भूस्खलन से चम्बा-जोत मार्ग पर भी बड़ी-बड़ी चट्टानें आ गिरीं। इससे मार्ग पर वाहनों के पहिए थम गए थे। इसके अलावा जगह-जगह भूस्खलन व पहाड़ों से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा। शहर के एससीपी आवास के पास विशालकाय पेड़ गिर गया। इससे यहां आवागमन ठप्प हो गया। यही नहीं, बड़े-बड़े पत्थर यहां स्थित मंदिर में जा घुसे।

माईबाग में भूस्खलन से मकान की छत, मैहला में पंचायत घर की पुरानी इमारत गिरी
जिले में पिछले करीब 5 दिन से बारिश हो रही है। शनिवार को हुई भारी बारिश के कारण शहर के माईबाग मोहल्ले में नीमो देवी पत्नी नंद लाल के मकान की छत गिर गई और बड़े-बड़े पत्थर कमरे में आ गिरे। गनीमत यह रही कि हादसे में किसी को चोटें नहीं आई है। हादसे के समय नीमो देवी का जेठ उस कमरे में था जोकि भूस्खलन होने की आवाज सुनकर कमरे के बाहर आ गया। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। नीमो देवी के अनुसार भूस्खलन के चलते कमरे की छत गिर गई और 2 कमरों की दीवारें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानपुर वार्ड की पार्षद सीमा कुमारी व पटवारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं विकास खंड मैहला के तहत आती ग्राम पंचायत बंदला में हुए भूस्खलन से पंचायत घर की पुरानी इमारत ढह गई। इस इमारत में 3 कमरे थे। भूस्खलन से लाखों का नुक्सान हुआ है।
46 मार्गों पर बंद रहा यातायात
उधर, भारी बारिश के कारण जिलाभर में 46 मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध रहे। इसके कारण लोगों को घंटों तक बारिश में वाहनों में रहने को मजबूर होना पड़ा। मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। वाहन चालकों समेत यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चम्बा मंडल में सबसे अधिक 19 मार्ग यातायात के लिए बाधित हुए थे। इसके डल्हौजी उपमंडल के 8, तीसा उपमंडल के 10, सलूणी उपमंडल के 3 व भरमौर के 4 मार्ग अवरुद्ध हंै। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की जेसीबी व लेबर पहुंच कर मार्ग को बहाल करने में जुट हुए हैं।
34 ट्रांसफार्मर ठप्प हाेने से बिजली रही गुल
बारिश के कारण विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही। इससे उपभोक्ताओं को काफी मुश्किलें उठानी पड़ी। डल्हौजी में सबसे ज्यादा 30 ट्रांसफार्मर बंद हुए थे। इसके अलावा चम्बा में 4 ट्रांसफार्मर बंद रहे। इस कारण लोगों को अंधेरे में गुजर बसर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालांकि बाद में बिजली बोर्ड ने सभी ट्रांसफार्मर चालू कर दिए हैं।
विभाग ने 46 अवरुद्ध मार्गों में से 39 किए बहाल
उधर, लोक निर्माण विभाग के एसई दिवाकर पठानिया ने बताया कि भारी बारिश के कारण जगह-जगह मार्गों पर भूस्खलन होने के कारण जिला भर में 46 मार्ग बाधित हुए हैं। सूचना मिलते ही विभाग की लेबर व जेसीबी मौके पर भेज दी थी। कड़ी मशक्कत के बाद 46 अवरूद्ध मार्गों में से 39 मार्गों को बहाल कर दिया गया हैं। हालंाकि तीसा में 2 और चम्बा में 5 सड़कें अभी अवरूद्ध हैं। उन्हें भी विभाग खोलने में जुटा हुआ है। जल्द ही मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा।
क्या बोले एसपी
डीसी दुनी चंद राणा ने बताया कि बारिश से किसी प्रकार के जानी नुक्सान की सूचना नहीं है। सड़क व बिजली की आपूर्पि को बहाल करने के निर्देश दे दिए गए हैं।