Edited By Jyoti M, Updated: 19 Jan, 2026 11:27 AM

शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ अपनी रोजी-रोटी के लिए पसीना बहा रहे एक विदेशी दंपती के लिए मिट्टी का ढेर ही काल बन गया। छमरोटा इलाके में सुरक्षा दीवार (डंगा) के निर्माण कार्य में जुटे नेपाली मूल के पति-पत्नी मलबे...
हिमाचल डेस्क। शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ अपनी रोजी-रोटी के लिए पसीना बहा रहे एक विदेशी दंपती के लिए मिट्टी का ढेर ही काल बन गया। छमरोटा इलाके में सुरक्षा दीवार (डंगा) के निर्माण कार्य में जुटे नेपाली मूल के पति-पत्नी मलबे की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही जान चली गई।
मिट्टी के नीचे दफन हुए सुनहरे सपने
यह हादसा उस वक्त हुआ जब कोटखाई के छमरोटा में एक निजी जमीन पर सुरक्षा दीवार खड़ी करने की तैयारी चल रही थी। एक स्थानीय महिला ने इस निर्माण का जिम्मा एक ठेकेदार को सौंपा था, जिसने प्रेम और उसकी पत्नी अनिता (नेपाली मूल) को काम पर लगाया था। पिछले कुछ दिनों से यह जोड़ा मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहा था, लेकिन रविवार का दिन उनके जीवन का आखिरी दिन साबित हुआ।

हादसे का घटनाक्रम
नींव की खुदाई: दोपहर के समय जब दोनों पति-पत्नी दीवार की बुनियाद के लिए गहरी खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक ऊपर से मिट्टी और मलबे का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया।
चीख-पुकार और बचाव: मलबे के गिरने की तेज आवाज सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत घटनास्थल की ओर भागे। ग्रामीणों ने आनन-फानन में मिट्टी हटाकर उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की।
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत: जब तक स्थानीय लोग कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाल पाते, तब तक मलबे के भारी दबाव के कारण दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
पुलिसिया कार्रवाई और छानबीन
हादसे की जानकारी मिलते ही बागी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लिया। मृतकों को तुरंत कोटखाई स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने औपचारिक रूप से उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एसएसपी संजीव गांधी ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या यह महज एक प्राकृतिक हादसा था।