IAS व IPS का सामने आना सरकार की विफल प्रशासनिक नीति का परिणाम : परमार

Edited By Kuldeep, Updated: 15 Jan, 2026 05:03 PM

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पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार के भीतर उपजे प्रशासनिक विवाद और मंत्रियों के आपसी विरोधाभासी बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पूरा प्रकरण किसी एक व्यक्ति से अधिक, सरकार की दिशा और नियंत्रण की कमजोरी...

पालमपुर: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस सरकार के भीतर उपजे प्रशासनिक विवाद और मंत्रियों के आपसी विरोधाभासी बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पूरा प्रकरण किसी एक व्यक्ति से अधिक, सरकार की दिशा और नियंत्रण की कमजोरी को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि आईएएस और आईपीएस जैसी प्रतिष्ठित संवैधानिक सेवाओं का सार्वजनिक रूप से सामने आना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस सरकार प्रशासन और मंत्रियों के बीच संतुलन व संवाद बनाए रखने में असफल रही है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बयान को लेकर जो स्थिति बनी, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।

यह स्पष्ट है कि बयान की व्याख्या और प्रस्तुति को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई, लेकिन इससे बड़ा प्रश्न यह है कि कांग्रेस सरकार में ऐसा कोई तंत्र क्यों नहीं है जो समय रहते स्थिति को स्पष्ट कर सके। उन्होंने कहा कि जब सरकार स्वयं अपने मंत्रियों और प्रशासन के बीच स्पष्ट लाइन ऑफ कमांड तय नहीं करती तो ऐसे विवाद स्वाभाविक रूप से सामने आते हैं। मंत्री अलग-अलग बोलें, तो प्रशासन कैसे चले। परमार ने कहा कि एक ओर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह प्रशासन को लेकर बयान दे रहे हैं, दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग मंत्री के बयान पर अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं। यह कांग्रेस सरकार की सामूहिक विफलता है कि मंत्रियों के शब्द सरकार की नीति की बजाय व्यक्तिगत राय के रूप में सामने आ रहे हैं।

विपिन सिंह परमार ने स्पष्ट किया कि आईएएस व आईपीएस अधिकारी किसी राज्य या क्षेत्र के प्रतिनिधि नहीं बल्कि संविधान के प्रतिनिधि होते हैं। उनके समर्पण और निष्ठा पर सवाल उठना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के सम्मान और मनोबल की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, जिसमें कांग्रेस सरकार पूरी तरह चूकती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि जब पूरा प्रशासन असहज महसूस करने लगे तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए, न कि जिम्मेदारी दूसरों पर डालनी चाहिए। विधायक विपिन सिंह परमार ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे प्रकरण पर सरकार की आधिकारिक और स्पष्ट स्थिति सामने लाई जाए। परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक भारत–श्रेष्ठ भारत के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है। विपिन सिंह परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता यह देख रही है कि कहां सुशासन है और कहां भ्रम, टकराव और दिशाहीनता।

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