Edited By Kuldeep, Updated: 12 Jan, 2026 10:28 PM

अर्की बाजार में भीषण अग्निकांड में 5 बच्चों व 2 महिलाओं सहित 9 लोग जिंदा जल गए। आग इतनी भयानक थी कि जिंदा जले लोगों के शरीर के जले हुए पार्ट्स मिल रहे हैं।
दमकल विभाग ने 9 घंटे बाद आग पर पाया काबू
अर्की (सुरेंद्र): अर्की बाजार में भीषण अग्निकांड में 5 बच्चों व 2 महिलाओं सहित 9 लोग जिंदा जल गए। आग इतनी भयानक थी कि जिंदा जले लोगों के शरीर के जले हुए पार्ट्स मिल रहे हैं। अभी तक 8 वर्षीय एक बच्चे समेत 3 शव बरामद किए गए हैं। यही नहीं मौके पर कुछ शरीर के पार्ट्स भी मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए एफ.एस.एल. जुन्गा भेजा गया है। इस अग्निकांड में अकाल मौत का ग्रास बने 10 लोगों में एक बिहारी मूल का 8 वर्षीय बालक व शेष 9 लोग नेपाली मूल के थे। यही नहीं इस अग्निकांड में 5 दुकानें भी राख हो गईं। करोड़ों रुपए का सामान खाक हो गया। आग इतनी भयानक थी कि दमकल विभाग को आग पर काबू पाने के लिए 9 घंटे का समय लग गया। स्थिति को गंभीर देखते हुए अर्की के अलावा दाड़लाघाट व बालुगंज से अग्निशमन वाहन अर्की पहुंच गए। एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचते ही राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 2 बजे यूकों बैंक के पास एक भवन में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी के पास फैली की भवन की ऊपरी मंजिल में सोए 2 नेपाली परिवारों के 9 सदस्यों व एक बिहार मूल के बालक को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। आग लगने के बाद भवन के अंदर रखे सिलैंडर ब्लास्ट होने शुरू हो गए। देखते ही देखते इस आग की चपेट में 2 मकान आ गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन सिलैंडरों के लगातार ब्लास्ट होने के कारण आग भड़कती गई।
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी आधी रात को ही वहां पर पहुंच गए और आग बुझाने में मदद करने लगे। प्रशासन ने दाड़लाघाट व बालुगंज से भी दमकल विभाग की टीम को अग्निशमन गाड़ियों के लिए कॉल किया। यह दोनों टीमें समय रहते मौके पर पहुंच गईं। सुबह करीब 11 बजे आग पर काबू पाया गया। इसके बाद एस.डी.आर.एफ. की टीम ने राहत व बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर 8 वर्षीय बच्चे सहित 3 शव बरामद किए। 2 शव तो क्षत-विक्षत थे। इसके अलावा भी कुछ शरीर के पार्ट्स मिले हैं। एफ.एस.एल. जुन्गा की टीम ने इनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
इस अग्निकांड में कपड़ों की 2 दुकानें, एक जूते की दुकान, एक करियाना स्टोर तथा एक घड़ी की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। दुकानों में रखा सारा सामान जलने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुक्सान हुआ है। इमारत की ऊपरी मंजिल पर 2 नेपाली और एक बिहारी परिवार रहता था। इस दर्दनाक हादसे में बिहारी परिवार के एक 8 वर्षीय मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई है और 5 बच्चों व 2 महिलाओं सहित 9 नेपाली मूल के लोगों की मौत हो गई है।
ठेकेदार मोहनलाल के अनुसार इस इमारत में प्रवासियों नेपालियों के 2 परिवार रहते थे, जोकि कुल 9 प्रवासी थे, जिनमें 2 महिलाएं (टीका, कविता), 2 पुरुष (धन बहादुर, कांशीराम) व 5 बच्चे (राधा, रेणुका, अन्नू, सुनील व 2 वर्षीय लड़का) शामिल थे, जिनकी जिंदा जलने से मौत हुई है। एस.पी. सोलन गौरव सिंह ने बताया कि अभी तक 8 वर्षीय एक बालक सहित 3 शव मौके से बरामद किए गए हैं। राहत व बचाव कार्य चला हुआ है। लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
एडीसी सोलन राहुल जैन ने बताया कि 9 लोगों की तलाश में पूरा दिन राहत व बचाव कार्य चला। अभी तक 3 शव बरामद हुए हैं। कुछ शरीर के पार्ट्स भी मौके से मिले हैं। अब यह जांच से पता चलेगा कि यह एक व्यक्ति या इससे अधिक लोगों के हैं।
पड़ोसियों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
घटनास्थल के समीप रहने वाले लोगों के अनुसार रात करीब 2 बजे शोर सुनकर जब वे बाहर निकले तो देखा कि आग पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले चुकी थी और तेजी से आसपास की ओर फैल रही थी। पड़ोसी योगेश शर्मा ने बताया कि आग उनके मकानों की दिशा में बढ़ने लगी, जिस पर पड़ोसियों ने तुरंत पानी की बाल्टियों की मदद से आग को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा समीपवर्ती इमारत में स्थित दुकानें भी आग की चपेट में आ सकती थीं।
समय पर कार्रवाई से बचा अर्की बाजार
बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोगों ने बताया कि आग की लपटें अत्यंत भयावह थीं और यदि अग्निशमन विभाग की टीमें समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित नहीं करतीं, तो आग पूरे अर्की बाजार में फैल सकती थी। लोगों का कहना था कि संकरी गलियों और लकड़ी से बनी इमारतों के कारण आग का तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ था। ऐसे में अग्निशमन कर्मियों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा नुक्सान होने से टल गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और समय पर की गई इस संयुक्त कार्रवाई से अर्की बाजार को भारी तबाही से बचाया जा सका। जिन दुकानदारों की दुकानों जल कर राख हो गईं उनमें कृष्ण लाल, भुवनेश्वर शर्मा, रमेश, पंकज, हरीश, महेंद्र व नरेश शामिल हैं। आग लगने से करोड़ों का नुक्सान हुआ है।