Una: चिन्हित दुकानों से किताबें, कापियां व वर्दी खरीदने के लिए बाध्य किया तो स्कूल प्रबंधकों पर होगी कार्रवाई

Edited By Vijay, Updated: 06 Feb, 2026 06:41 PM

action will be taken against school managements that force students to buy books

जिला ऊना में चिन्हित दुकानों से किताबें, कापियां व स्कूल वर्दी खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य करने वाले स्कूल प्रबंधकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

ऊना (मनोहर): जिला ऊना में चिन्हित दुकानों से किताबें, कापियां व स्कूल वर्दी खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य करने वाले स्कूल प्रबंधकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग ने जारी निर्देशों में कहा है कि आगामी शैक्षणिक सत्र के दृष्टिगत स्कूलों द्वारा पुस्तकों, कापियों, वर्दी एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री को लेकर किसी भी प्रकार की मनमानी सहन नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग ने जिला के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी विद्यार्थी अथवा अभिभावक को स्कूल द्वारा चिन्हित दुकानों से किताबें, कापियां अथवा स्कूल वर्दी खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों और अभिभावकों की सुविधा एवं हितों की रक्षा करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी निजी स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों एवं मुख्याध्यापकों को निर्देश दिए कि वह हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान विनियमन अधिनियम, 1997 में निहित प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें, ताकि छात्रों से ली जाने वाली फीस शोषणकारी न हो। तक्खी ने हिमाचल प्रदेश में संचालित समस्त हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली व काऊंसलिंग फॉर द इंडियन स्कूल सर्टीफिकेट्स एग्जामिनेशन नई दिल्ली से संबंद्धता प्राप्त निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व पीटीए प्रधान एवं पीटीए सदस्यों के माध्यम से सभी अभिभावकों को आमंत्रित कर स्कूल में सामान्य सभा का आयोजन किया जाए। इसमें आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए प्रस्तावित फीस एवं विभिन्न फंडों पर विचार-विमर्श के उपरांत ही फीस का निर्धारण किया जाए।

नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए सूची

तक्खी ने निर्देश दिए कि निर्धारित फीस, फंड का पूर्ण विवरण तथा कक्षा बार पुस्तकों की सूची स्कूल के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए और स्कूल की वैबसाइट पर भी अपलोड की जाए ताकि अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि मनमर्जी से फीस, किताबें, कापियां या वर्दी लागू करने वाले स्कूलों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्देश हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) नई दिल्ली से संबद्ध जिले के सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू होंगे।

 

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