Una: सबूत मिटाने के लिए जड़ों सहित उखाड़े 35 खैर के पेड़

Edited By Kuldeep, Updated: 29 Jan, 2026 06:54 PM

amb khair katan

अम्ब से सटे परम्ब क्षेत्र के जंगलों में सामने आए अवैध खैर कटान के मामले में वन विभाग ने कटे हुए पेड़ों की गिनती शुरू कर दी है।

अम्ब (अश्विनी): अम्ब से सटे परम्ब क्षेत्र के जंगलों में सामने आए अवैध खैर कटान के मामले में वन विभाग ने कटे हुए पेड़ों की गिनती शुरू कर दी है। जंगल में की गई गहन जांच पड़ताल के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि संगठित गिरोह ने निजी जंगल में बड़े पैमाने पर खैर का कटान करने के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से लगभग 35 खैर के पेड़ों को जड़ों सहित उखाड़ डाला है।

इतना ही नहीं, इससे सटी लोहारा रेंज के सरकारी जंगल में भी 3-4 खैर के पेड़ ऐसे पाए गए हैं, जिन्हें कटान के बाद जड़ों सहित उखाड़ा गया है। यह कृत्य वन अधिनियम और नियमों की खुली अवहेलना को दर्शाता है। गौरतलब है कि बुधवार देर सायं गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर वन रेंज अधिकारी राहुल ठाकुर के नेतृत्व में वन विभाग की विशेष टीम ने जंगल में सर्च आऊट अभियान चलाया था।

इस दौरान जंगल से लाखों रुपए मूल्य की अवैध खैर की लकड़ी बरामद की गई, साथ ही मौके पर कश्मीरी लेबर के अस्थायी ठिकानों का भी खुलासा हुआ, जिससे इस गिरोह के लंबे समय से सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। जिस स्थान पर यह अवैध कटान किया गया है, वह वन रेंज अम्ब और वन रेंज लोहारा की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है। सीमावर्ती क्षेत्र होने का लाभ उठाकर गिरोह काफी समय से यहां जंगलों को निशाना बना रहा था।

पुलिस में दर्ज करवाई गई है शिकायत
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी राहुल ठाकुर ने बताया कि मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्यतः खैर कटान के बाद पेड़ों को जड़ से उखाड़ना संभव नहीं होता, लेकिन वन काटुओं ने सबूत नष्ट करने की नीयत से घने जंगल को समतल करने का प्रयास किया। पकड़ी गई लकड़ी को जब्त कर लिया गया है। अवैध वन कटान में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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