Edited By Kuldeep, Updated: 04 Feb, 2026 05:14 PM

राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के कोटला कलां आश्रम से बुधवार को निकली शोभायात्रा में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह विशेष रूप से पहुंचे।
ऊना (सुरेन्द्र): राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के कोटला कलां आश्रम से बुधवार को निकली शोभायात्रा में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने आश्रम में पहुंचकर राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद लिया। इस मौके पर विधायक विवेक विक्कू, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, आयोग के सदस्य विजय डोगरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देसराज गौतम, विवेक मिंका, संजीव सैनी, डीसी जतिन लाल, एसपी अमित यादव व एडीसी महेन्द्र पाल गुर्जर मौजूद थे।
बाबा बाल ने डिप्टी सीएम, पीडब्ल्यूडी मंत्री व अन्य नेताओं को सम्मानित किया। राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी के साथ डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने श्रद्धाभाव के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण की पावन पालकी उठाई और शोभायात्रा में सम्मिलित होकर परिक्रमा पूर्ण की। शोभायात्रा के लिए सुसज्जित विशेष वाहन में उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री तथा विधायक विवेक शर्मा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के साथ विराजमान रहे।
संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराएं हमारी पहचान की आधारशिला : मुकेश
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे महान संत समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं और उनकी उपस्थिति से सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना को बल मिलता है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति, आस्था और धार्मिक परंपराएं हमारी पहचान की आधारशिला हैं। इन परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास और विरासत दोनों को समान रूप से आगे बढ़ाया जाए। ऊना जिले की अपनी विशिष्ट ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। यहां स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं, जिनके सुदृढ़ीकरण और सुविधा विस्तार के लिए सरकार पूर्णतया प्रतिबद्ध है।
बाबा बाल जी जैसे महान संतों से समाज को मिलती है दिशा : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज के प्रति श्रद्धाभाव प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे महान संतों से समाज को जीवन दिशा मिलती है और उनके सान्निध्य से सामाजिक सौहार्द और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज में आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। देवभूमि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखना सरकार की निरंतर प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए सरकार हरसंभव सहयोग देती रहेगी। परंपरा और प्रगति को साथ लेकर चलना ही सरकार की मूल प्रतिबद्धता है।
गौवर्धन की परिक्रमा करने जैसी है शोभायात्रा : बाल जी
राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज ने शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्रवचनों से भी निहाल किया। उन्होंने कहा कि सारी साध संगत प्रभु के नाम के साथ चल रही है। यह यात्रा किसी पार्टी की यात्रा नहीं है, बल्कि यह भगवान श्रीकृष्ण जी के नाम की यात्रा है। शोभायात्रा में चलने का हमें पुण्य प्राप्त होता है। जैसे हमने गौवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर ली, वैसे ही यह परिक्रमा है। शोभायात्रा में कदम-कदम ठाकुर जी का नाम लेते हुए चलना चाहिए। यह सब हमारे लेखे में लिखा जाएगा। एक घड़ी का कोई पता नहीं है।
जो नाम भगवान का भजन करते हुए निकले, वही अपना है। शोभायात्रा में श्रद्धा और सेवा भाव से चलने पर पुण्य फल की प्राप्ति होती है। यह केवल एक यात्रा नहीं बल्कि यह आत्मिक शुद्धि और प्रभु से जुड़ने का मार्ग है। शोभायात्रा का फल गौवर्धन पर्वत की परिक्रमा जितना मिलता है। जो व्यक्ति भक्ति भाव से संतों और प्रभु के कार्य में सहभागी बनता है, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। शोभायात्रा जैसे आयोजनों से समाज में धर्म, संस्कार और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। जब भी हम शोभायात्रा में चलते हैं तो हमें भगवान के नाम का जप करना चाहिए। इससे हमारा कल्याण हो जाता है।