Edited By Jyoti M, Updated: 22 Nov, 2025 10:07 AM

कुल्लू की शांत पार्वती घाटी में बरशैणी गांव के लिए एक दर्दनाक मंजर लेकर आई। सुबह करीब 5:00 बजे आलम चंद के तीन मंजिला मकान में अचानक आग की एक चिंगारी भड़की, जिसने देखते ही देखते पूरे ढांचे को अपनी भीषण चपेट में ले लिया।
हिमाचल डेस्क। कुल्लू की शांत पार्वती घाटी में बरशैणी गांव के लिए एक दर्दनाक मंजर लेकर आई। सुबह करीब 5:00 बजे आलम चंद के तीन मंजिला मकान में अचानक आग की एक चिंगारी भड़की, जिसने देखते ही देखते पूरे ढांचे को अपनी भीषण चपेट में ले लिया।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना बरशैणी में हुई, जहाँ आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। मकान के आठ कमरे पूरी तरह से जलकर राख हो गए। आग की घटना के वक्त मकान की पहली दो मंजिलों पर किरायेदार मौजूद थे। गनीमत यह रही कि सभी किरायेदार समय रहते अपनी जान बचाकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद फायर ऑफिसर प्रेम भारद्वाज के नेतृत्व में दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घंटों मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया।
लाखों का नुकसान, जांच शुरू
बरशैणी पंचायत के उप प्रधान लुदर चंद ने पुष्टि की है कि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन आग ने लाखों रुपये की संपत्ति को स्वाहा कर दिया है। मकान मालिक आलम चंद और उनका परिवार घटना के समय दूसरे मकान में थे, जिससे वे सुरक्षित रहे।
आग लगने के कारणों का अभी तक ठीक-ठाक पता नहीं चल पाया है, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन से प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की गई है।
गौर करने वाली बात यह है कि कुल्लू जिले में सर्दी की दस्तक के साथ ही आग लगने की घटनाओं में इज़ाफ़ा हुआ है। बीते केवल दो सप्ताह के अंदर यह इस तरह की तीसरी बड़ी घटना है।