Edited By Jyoti M, Updated: 08 Mar, 2026 01:05 PM
पहाड़ों की वादियों में चार साल का लंबा सन्नाटा अब टूटने वाला है। पठानकोट-जोगेंद्रनगर ट्रैक पर रेलगाड़ियों की आवाजाही को लेकर इंतज़ार की घड़ियाँ खत्म हो गई हैं।
हिमाचल डेस्क। पहाड़ों की वादियों में चार साल का लंबा सन्नाटा अब टूटने वाला है। पठानकोट-जोगेंद्रनगर ट्रैक पर रेलगाड़ियों की आवाजाही को लेकर इंतज़ार की घड़ियाँ खत्म हो गई हैं। 9 मार्च से इस ऐतिहासिक ट्रैक पर फिर से पहिए दौड़ने की उम्मीद है, जिससे न केवल स्थानीय लोगों के सफर की राह आसान होगी, बल्कि देवभूमि के पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे।
उत्तर रेलवे मंडल जम्मू ने इस मार्ग के लिए नया शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसमें बैजनाथ, पठानकोट, नूरपुर और ज्वालामुखी रोड के बीच कनेक्टिविटी पर ज़ोर दिया गया है।
आंदोलन से आई पटरी पर रेल
इस बहाली के पीछे केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि जनता का अटूट संघर्ष भी शामिल है। लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान के सदस्य पीसी विश्वकर्मा की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने दिल्ली के जंतर-मंतर तक अपनी आवाज़ पहुंचाई थी। पिछले साल दिसंबर में हुए प्रदर्शनों और प्रधानमंत्री व रेल मंत्री को सौंपे गए ज्ञापनों का ही परिणाम है कि रेलवे प्रशासन ने मार्च तक ट्रायल पूरे कर गाड़ियाँ चलाने का अपना वादा निभाया है।
रेलगाड़ियों का नया सफरनामा (9 मार्च से संभावित)
रेलवे द्वारा जारी समयसारिणी के अनुसार, यात्रा का विवरण कुछ इस प्रकार रहेगा:
पठानकोट/नूरपुर/ज्वालामुखी से बैजनाथ की ओर:
सुबह की पहली सेवा: पठानकोट से सुबह 5:00 बजे प्रस्थान, दोपहर 12:00 बजे बैजनाथ आगमन।
दूसरी सेवा: पठानकोट से सुबह 7:00 बजे चलकर दोपहर 1:40 बजे बैजनाथ पहुंचना।
शॉर्ट रूट (ज्वालामुखी रोड): दोपहर 2:30 बजे रवाना होकर शाम 5:30 बजे बैजनाथ।
कनेक्टिंग सेवा (नूरपुर रोड): दोपहर 2:10 बजे चलकर रात 8:50 बजे बैजनाथ।
बैजनाथ से वापसी का समय:
नूरपुर रोड के लिए: सुबह 6:00 बजे प्रस्थान (पहुंच: दोपहर 12:50)।
ज्वालामुखी रोड के लिए: सुबह 9:30 बजे प्रस्थान (पहुंच: दोपहर 1:30)।
पठानकोट के लिए (दोपहर): दोपहर 2:15 बजे प्रस्थान (पहुंच: रात 9:45)।
पठानकोट के लिए (शाम): दोपहर 3:40 बजे प्रस्थान (पहुंच: रात 10:50)।
"हमारा प्रयास है कि 9 मार्च से पठानकोट और बैजनाथ के बीच निर्बाध रेल सेवा शुरू हो जाए। इसके लिए विभाग ने समयसारिणी को अंतिम रूप दे दिया है।"
— विवेक कुमार, डीआरएम (उत्तर रेलवे मंडल जम्मू)
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को संजीवनी
कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए यह रेल मार्ग किसी जीवनरेखा से कम नहीं है। सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से धौलाधार की पहाड़ियों की सैर करने आने वाले पर्यटकों की संख्या में इज़ाफा होगा। इसके साथ ही, स्थानीय व्यापारियों और रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों को भी महंगे सड़क परिवहन से राहत मिलेगी।