टैक्सी ऑप्रेटरों की बल्ले-बल्ले! अब 15 साल हुई परमिट की वैधता, केंद्र ने जारी की अधिसूचना

Edited By Vijay, Updated: 23 Feb, 2026 09:16 PM

taxi permits valid for 15 years

हिमाचल के हजारों टैक्सी ऑप्रेटरों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट की वैधता 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

शिमला (राजेश): हिमाचल के हजारों टैक्सी ऑप्रेटरों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट की वैधता 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले से पूरे देश सहित हिमाचल के हजारों टैक्सी-मैक्सी ऑप्रेटरों को लाभ मिलेगा। केंद्र सरकारी की जारी अधिसूचना के तहत इस फैसले को लेकर आगामी 30 दिनों में आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। आपत्तियां व सुझाव के बाद अधिसूचना 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी। हिमाचल के टैक्सी ऑप्रेटर्ज पिछले कई समय से प्रदेश सरकार व उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग कर रहे थे कि परमिट की वैधता 15 साल की जाए, ऐसे में यह मामला उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वयं दिल्ली जाकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष उठाया था, जिस पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए केंद्र ने अधिसूचना जारी कर दी है।

ऑप्रेटरों को बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से मिलेगी राहत : मुकेश अग्निहोत्री
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट 15 साल किए जाने के मामले में अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे पूरे देश सहित हिमाचल के हजारों टैक्सी ऑप्रेटरों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब तक टैक्सी वाहनों की आयु सीमा 15 वर्ष थी, जबकि परमिट की वैधता 12 वर्ष होने से विसंगति बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने से टैक्सी और टैक्सी परमिट/दोनों की वैधता 15 वर्ष हो जाएगी, जिससे ऑप्रेटरों को बार-बार नवीनीकरण की प्रक्रिया से राहत मिलेगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय टैक्सी व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों के लिए फायदेमंद साबित होगा और परिवहन क्षेत्र को मजबूती देगा।

प्रदेश में हैं करीब 70 हजार टैक्सी ऑप्रेटर
केंद्र सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 70 हजार के करीब टैक्सी-मैक्सी ऑप्रेटरों को राहत मिलेगी। 15 साल टैक्सी परमिट होने से टैक्सी ऑप्रेटरों सहित सरकार को लाभ होगा। टैक्सी ऑप्रेटरों का कहना है कि कई टैक्सी ऑप्रेटरों के पास 27 से 30 लाख की गाड़ियां भी हैं, जिनकी किस्तें खत्म होते-होते 7 से 8 साल लग जाते हैं, ऐसे में किस्तों में ही समय निकल जाता था। जब तक गाड़ी कमाई करना शुरू करती है तब तक परमिट खत्म हो जाता है। ऐसे में 3 साल और परमिट वैद्यता बढ़ने से टैक्सी ऑप्रेटरों को राहत मिलेगी। वहीं सरकार को भी 3 साल और अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

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