Edited By Swati Sharma, Updated: 27 Feb, 2026 04:12 PM

Kangra News: कांगड़ा घाटी के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। साल 2022 की भीषण आपदा में क्षतिग्रस्त हुए चक्की रेलवे पुल का पुनर्निर्माण पूरा हो गया है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने पुल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद इसे...
Kangra News: कांगड़ा घाटी के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। साल 2022 की भीषण आपदा में क्षतिग्रस्त हुए चक्की रेलवे पुल का पुनर्निर्माण पूरा हो गया है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने पुल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद इसे ट्रेनों के संचालन के लिए सुरक्षित घोषित करते हुए अपनी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पठानकोट और जोगिंदरनगर के बीच वर्षों से बंद पड़ी रेल सेवा की वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
आधुनिक तकनीक से बना नया पुल
लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह नया पुल अत्याधुनिक इंजीनियरिंग मानकों पर खरा उतरा है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (नॉर्दर्न सर्कल) दिनेश देसवाल की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की टीम ने पुल की भार वहन क्षमता, ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा मानकों की कड़ी जांच की। सभी परीक्षणों में संरचना को संतोषजनक पाए जाने के बाद इसे हरी झंडी दे दी गई है।
तीन साल का लंबा इंतजार
वर्ष 2022 में मानसून के दौरान चक्की खड्ड में आई विनाशकारी बाढ़ ने पुराने पुल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। इस आपदा के कारण पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा घाटी के बीच रेल संपर्क पूरी तरह कट गया था। पिछले तीन वर्षों से रेल मार्ग बंद होने का सीधा असर क्षेत्र के पर्यटन, स्थानीय व्यापार और आम नागरिकों की आवाजाही पर पड़ा था।
विकास को मिलेगी नई गति
रेल सेवा की बहाली न केवल कांगड़ा घाटी में पर्यटन गतिविधियों को पुनर्जीवित करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगी। टॉय ट्रेन को इस क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाता है और इसके दोबारा शुरू होने से यात्रियों में भारी उत्साह है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, अब ट्रेनों के संचालन के लिए अंतिम औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जल्द ही कांगड़ा की वादियों में फिर से टॉय ट्रेन की सीटी सुनाई देगी, जो क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।