Kangra: रेल मार्ग का फाइनल सर्वे, लेकिन ट्रेन कब चलेगी यह तय नहीं

Edited By Kuldeep, Updated: 24 Feb, 2026 11:14 PM

baijnath railway line final survey

उत्तर रेलवे में जम्मू मंडल के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल खंड पर मंगलवार को विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा फाइनल सर्वे कर लिया गया है,

बैजनाथ, नूरपुर (बावा, रूशांत): उत्तर रेलवे में जम्मू मंडल के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल खंड पर मंगलवार को विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा फाइनल सर्वे कर लिया गया है, लेकिन नियमों की दुहाई देते हुए रेल विभाग अभी यह तय नहीं कर पाया है कि इस मार्ग पर रेल गाड़ियां कब बहाल होंगी? उत्तर रेलवे के कमिश्नर रेल सुरक्षा दिनेश चन्द्र देशवाल, जम्मू मंडल के रेल प्रबंधक विवेक कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर स्थित पुल संख्या चक्की पुल का सुरक्षा निरीक्षण किया। रेलवे सूत्रों के अनुसार रेल संचालन के लिए ये तमाम निरीक्षण ठीक पाए गए हैं लेकिन सीआरएस की टीम यह निर्णय लेने में सक्षम नहीं है कि रेल मार्ग को कब बहाल किया जाए। सीआरएस अपनी विस्तृत रिपोर्ट रेल विभाग दिल्ली और रेल मंत्रालय को भेजेगा।

वहीं से ट्रेनों के आवागमन के संचालन के लिए हरी झंडी मिलेगी। निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दिनेश चंद देशवाल ने कहा कि इंजीनियर की टीम ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर चक्की पुल का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 4 साल से 20 किलोमीटर रेलवे लाइन बंद है तथा पुल के निरीक्षण से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उधर, विभाग द्वारा 24 डिब्बे कालका फिटनैस जांच के लिए भेजे हैं जो क्रमवार पठानकोट और फिर नैरोगेज रेल मार्ग से भेजे जाएंगे। हालांकि जब कभी इस मार्ग पर रेलगाड़ियों का संचालन होगा तो पहले चरण में 2 जोड़ी रेलगाड़ियां ही चलाई जाएंगी, उसके बाद बाकी की रेलगाड़ियाें को बहाल किया जाएगा। वर्तमान में बैजनाथ पपरोला से कांगड़ा और बैजनाथ पपरोला से जोगिंद्रनगर तक 2 जोड़ी रेल गाड़ियों का संचालन कर रहा है।

उधर, मंगलवार को गुलेर रेलवे स्टेशन पर एडवोकेट शिवेंद्र सैनी की अध्यक्षता में क्षेत्रवासियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने रेलवे अधिकारियों से मुलाकात कर एक मांगपत्र सौंपा। गुलेर व्यापार मंडल और स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से अधिकारियों से आग्रह किया कि इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर चल रहा अंतिम सर्वेक्षण कार्य जल्द पूरा किया जाए। वहीं रेल ट्रैक का निरीक्षण के दौरान नगरोटा सूरियां पहुंचने पर लोकतान्त्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान के प्रतिनिधि पी.सी. विश्ववकर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों सहित नंदपुर विकास संघर्ष समिति के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल नगरोटा सूरियां रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों से मिला और रेल यातायात समस्याओं व सुझावों का ज्ञापन दिया।

2022 में टूटा था चक्की पुल
2022 में बरसात की वजह से चक्की पुल के 2 पिल्लर बह गए थे लेकिन हैरानी की बात यह है कि तकनीक, सुरक्षा और निर्माण इंजीनियरों की एक बड़ी फौज के बावजूद 4 साल के लंबे इंतजार के बाद रेल विभाग चक्की पुल के पिल्लरों का निर्माण कर पाया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 2022 में बाढ़ के कारण पुल क्षतिग्रस्त हुआ था, उस समय की घटना को मद्देनजर रखते हुए पुल के पिल्लर की नींव को ज्यादा गहरा किया गया है।

बरसात फिर आने वाली
खास बात यह भी है कि रेल विभाग कई दफा बरसात की आशंका के मद्देनजर भी इस मार्ग पर रेलों का आवागमन यात्रियों की सुरक्षा के बहाने बंद कर देता है, जबकि सामरिक और व्यावहारिक दृष्टि से यह रेल मार्ग कांगड़ा और मंडी के यात्रियों के लिए एकमात्र रेल यातायात संसाधन है। अभी रेलवे यह तय नहीं कर पाया है कि रेल कब चलेगी। ऐसे में कुछ माह बाद फिर बरसात आने वाली है। ऐसे में यह रेल कब चलेगी और कब तक चलेगी यह सब साफ दिखने लगा है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!