Edited By Sahil Kumar, Updated: 27 Jan, 2026 12:50 PM

देवभूमि हिमाचल के शांत वातावरण को एक ऐसी वारदात ने लहूलुहान कर दिया है, जहाँ रक्षक ही भक्षक बन बैठा। कांगड़ा जिले के बैजनाथ के नगेहड़ गांव में एक बेटे ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर अपने ही बुजुर्ग पिता को मौत की नींद सुला दिया।
हिमाचल डेस्क। देवभूमि हिमाचल के शांत वातावरण को एक ऐसी वारदात ने लहूलुहान कर दिया है, जहाँ रक्षक ही भक्षक बन बैठा। कांगड़ा जिले के बैजनाथ के नगेहड़ गांव में एक बेटे ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर अपने ही बुजुर्ग पिता को मौत की नींद सुला दिया।
गाली-गलौज से शुरू हुआ खूनी खेल
घटना बैजनाथ के नगेहड़ गांव की है। सोमवार की रात जब पूरा गांव शांति की आगोश में था, तब सुरेंद्र कुमार नाम का व्यक्ति घर लौटा। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, घर आते ही वह अपनी माता, रामप्यारी, के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि उसने हिंसक रूप ले लिया। जब सुरेंद्र के छोटे भाई ने बीच-बचाव कर अपनी मां को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया।
पिता का प्यार पड़ा भारी, बेटे ने ली जान
शोर सुनकर घर के मुखिया और सुरेंद्र के 78 वर्षीय पिता, जगदीश चंद, झगड़ा शांत करवाने के लिए आगे आए। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि जिस बेटे को उन्होंने पाल-पोसकर बड़ा किया, वही उनकी मृत्यु का कारण बनेगा। गुस्से में पागल सुरेंद्र ने अपने वृद्ध पिता पर बेरहमी से लात-घूंसों की बौछार कर दी। प्रहार इतने जबरदस्त थे कि बुजुर्ग पिता जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही थम गईं सांसें
गंभीर अवस्था में परिवार के अन्य सदस्य घायल जगदीश चंद को तुरंत सिविल अस्पताल बैजनाथ ले गए। हालांकि, चोटें इतनी गहरी थीं कि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी
इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतका की पत्नी यानी आरोपी की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। थाना बैजनाथ की पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को दबोच लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगामी कानूनी तफ्तीश जारी है।