Edited By Kuldeep, Updated: 26 Mar, 2025 09:20 PM

विधानसभा सत्र के दौरान गुरुवार को भाजपा चौड़ा मैदान में एकत्रित होकर खूब गरजेगी। इस प्रदर्शन व रैली में समूचे राज्य से 10000 कार्यकर्त्ता भाग लेंगे।
शिमला (हैडली): विधानसभा सत्र के दौरान गुरुवार को भाजपा चौड़ा मैदान में एकत्रित होकर खूब गरजेगी। इस प्रदर्शन व रैली में समूचे राज्य से 10000 कार्यकर्त्ता भाग लेंगे। बुधवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल व अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन स्थल का दौरा किया और यहां व्यवस्थाओं को जांचा, वहीं कार्यकर्त्ताओं का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने संचालन समिति के साथ इस प्रदर्शन की चर्चा भी की और उचित निर्देश दिए। भाजपा ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पहले से ही कार्यकर्त्ताओं की जिम्मेदारियों को सुनिश्चित बनाया है और प्रत्येक बूथ से कम से कम 15 लोगों को इस रैली में शामिल होने के लिए कहा गया है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विशाल प्रदर्शन प्रभारी बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, सह-प्रभारी संजय टंडन, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं प्रदेशाध्यक्ष डा. राजीव बिंदल के अलावा राज्य के सभी लोकसभा सांसद भी भाग लेंगे। सांसद डा. राजीव भारद्वाज का आना तय है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप व सांसद कंगना रनौत के आने का भी कार्यक्रम है। इस विशाल प्रदर्शन का एकत्रीकरण का समय प्रात: 10.30 बजे रहने वाला है। उन्होंने कहा कि यह विशाल प्रदर्शन प्रदेश में चल रहे संरक्षण के अंतर्गत माफिया राज के विरुद्ध है। माफिया राज प्रदेश के कण-कण में बस चुका है। ट्रांसफर, कबाड़, डब्बा, नशा, शराब, ठेकेदार, जंगल, खनन, भू, जल जैसे सभी माफिया हिमाचल प्रदेश में हावी हैं। छोटे-छोटे कामों में भी भ्रष्टाचार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि एचपीपीसीएल के मुख्य अभियंता विमल नेगी की असामान्य परिस्थितियों में हुई मृत्यु का ऊना के पेखूबेला स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र से कोई संबंध है अथवा नहीं, यह जांच ही बताएगी किंतु निगम का प्लांट चर्चा में अवश्य आ गया है। प्रदेश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की मंशा से पेखूबेला में कुछ माह पहले 32 मैगावाट का सोलर प्लांट स्थापित किया गया था। दस्तावेज बताते हैं कि प्लांट में नियमों की अनदेखी कर अहमदाबाद की कंपनी को 100 करोड़ से अधिक का अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। इस प्रोजैक्ट के लिए विश्व बैंक से फंडिंग होनी थी, लेकिन एचपीपीसीएल के कई अधिकारियों ने नियमों को ठेंगा दिखा सरकार की स्वीकृति के बिना ही बैंक से ऋण ले लिया। जब इन अनियमितताओं पर प्रश्न उठने लगे और सरकार ने जांच शुरू की तो प्रोजैक्ट से जुड़े अधीक्षण अभियंता को आनन-फानन चार्जशीट कर उनका मुख्यालय शिमला तय कर दिया गया।