Edited By Kuldeep, Updated: 26 Nov, 2025 06:22 PM

राज्य में अब कोहरे की मार, शुष्क ठंड और जनजातीय इलाकों में भीष्ण शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। राज्य में नवम्बर माह में पहले ही 92 फीसदी कम वर्षा हुई है, जबकि इस माह बारिश व बर्फबारी के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि प्रदेश में 2 दिसम्बर को मौसम...
शिमला (संतोष): राज्य में अब कोहरे की मार, शुष्क ठंड और जनजातीय इलाकों में भीष्ण शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। राज्य में नवम्बर माह में पहले ही 92 फीसदी कम वर्षा हुई है, जबकि इस माह बारिश व बर्फबारी के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि प्रदेश में 2 दिसम्बर को मौसम साफ व शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक मैदानी और निचले हिस्सों में सुबह-शाम घने कोहरे का यैलो अलर्ट जारी किया है। बुधवार सुबह बिलासपुर, मंडी व सुंदरनगर में घना कोहरा छाया रहा, जबकि गुरुवार व शुक्रवार को भाखड़ा बांध के जलाशय क्षेत्र के कुछ हिस्सों व बल्ह घाटी मंडी के कुछ हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहने की संभावनाएं हैं।
लाहौल-स्पीति जिला के ताबो में बुधवार को न्यूनतम तापमान माइनस 6.8 डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 4.5 डिग्री सैल्सियस रहा, वहीं केलांग में भी न्यूनतम तापमान माइनस में चला हुआ है। माइनस में तापमान के जाने के कारण इन इलाकों में जलस्त्रोतों का पानी जम गया है और नाले-झरने बर्फ की परत में बदल चुके हैं। इससे स्थानीय लोगों को पेयजल एवं रोजमर्रा के पानी के उपयोग में भी कठिनाई हो रही है।
सूखी ठंड से बीमारियों की जद में आने लगे लोग
सूखी ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। खासतौर पर वृद्धजनों और बच्चों को खांसी-जुकाम तथा सांस संबंधी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। डाक्टरों ने लोगों को सुबह-शाम अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनने और बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।