Edited By Jyoti M, Updated: 18 Feb, 2026 12:09 PM

पीजीआई चंडीगढ़ में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही पत्नी का उपचार कराने आए हिमाचल के एक रिटायर्ड कर्मचारी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। मदद की आड़ में आए एक जालसाज ने न केवल उनका भरोसा तोड़ा, बल्कि चंद मिनटों में उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई पर भी हाथ साफ कर...
हिमाचल डेस्क। पीजीआई चंडीगढ़ में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही पत्नी का उपचार कराने आए हिमाचल के एक रिटायर्ड कर्मचारी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। मदद की आड़ में आए एक जालसाज ने न केवल उनका भरोसा तोड़ा, बल्कि चंद मिनटों में उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई पर भी हाथ साफ कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
शिमला स्थित बिजली बोर्ड के मुख्यालय से सेवानिवृत्त जोगिंदर सिंह (निवासी बिलासपुर) इन दिनों अपनी पत्नी राजू देवी के इलाज के सिलसिले में पीजीआई के चक्कर लगा रहे हैं। दोपहर के समय जब वे न्यू ओपीडी परिसर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कोई उन पर नजर रख रहा है।
चालाकी से बदला कार्ड
जोगिंदर सिंह ने जैसे ही मशीन से 5000 रुपये निकाले, उनके पास खड़े एक नकाबपोश युवक ने उन्हें भ्रमित करना शुरू कर दिया। आरोपी ने बड़ी चतुराई से कहा कि "अंकल, आपका कार्ड अभी भी मशीन के अंदर है, इसे निकालने के लिए एक बार फिर पिन दर्ज करें।"
घबराहट में बुजुर्ग उसकी बातों में आ गए और दोबारा पिन डाल दिया। इसी बीच आरोपी ने बिजली की फुर्ती से जोगिंदर सिंह का असली कार्ड गायब कर दिया और उन्हें किसी 'मुनीश खन्ना' के नाम का दूसरा कार्ड थमा दिया।
10 मिनट में खाली हुआ आधा लाख का खाता
ठग की चालाकी का पता पीड़ित को तब चला जब वे एटीएम से बाहर आ चुके थे। अगले 10 मिनट के भीतर उनके मोबाइल पर बैंक से धड़ाधड़ मैसेज गिरने लगे।
पहला ट्रांजेक्शन 10,000 रुपये, अगले चार ट्रांजेक्शन 10,000-10,000 रुपये के हुए। जब तक जोगिंदर सिंह माजरा समझ पाते और बैंक को सूचित कर कार्ड ब्लॉक करवाते, तब तक उनके खाते से 50 हजार रुपये चोरी हो चुके थे।
पुलिस की कार्रवाई
सेक्टर-11 थाना पुलिस ने जोगिंदर सिंह की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब अस्पताल परिसर और एटीएम बूथ के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि मास्क के पीछे छिपे उस चेहरे की पहचान की जा सके।