Edited By Kuldeep, Updated: 14 Jan, 2026 10:43 PM

बर्फ और बारिश का इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार जहां गुरुवार को प्रदेश में घना कोहरा व शीतलहर छाए रहने का अलर्ट रहेगा, वहीं 16 से 20 जनवरी के बीच राज्य के कई हिस्सों में...
शिमला (संतोष): बर्फ और बारिश का इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार जहां गुरुवार को प्रदेश में घना कोहरा व शीतलहर छाए रहने का अलर्ट रहेगा, वहीं 16 से 20 जनवरी के बीच राज्य के कई हिस्सों में वर्षा और बर्फबारी होने का अंदेशा जताया गया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से खासतौर पर उच्च पर्वतीय और जनजातीय इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मध्य व निचले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक ऊना में बुधवार सुबह घना कोहरा दर्ज किया गया, जहां दृश्यता घटकर करीब 50 मीटर रह गई, जबकि पांवटा साहिब में हल्का कोहरा छाया रहा।
राज्य में इस समय सूखी ठंड का कहर जारी है और जनजातीय इलाकों में तापमान लगातार शून्य से नीचे बना हुआ है। मंगलवार रात्रि कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 4.9 डिग्री और ताबो में माइनस 5.1 डिग्री सैल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार बीती रात राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री की बढ़ौतरी दर्ज की गई, लेकिन यह अब भी सामान्य से 0.6 डिग्री कम बना हुआ है। मैदानी और निचले इलाकों हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और ऊना में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है और इन क्षेत्रों में कई बार तापमान शिमला जैसे हिल स्टेशन से भी कम दर्ज किया गया है।
सूखे जैसे बने हालात, फसलों व बागवानी पर पड़ रहा असर
लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के कारण राज्य में सूखे जैसे हालात बन गए हैं, जिसका सीधा असर फसलों और बागवानी पर पड़ा है। शिमला व मनाली को बर्फबारी की आस में पहुंच रहे पर्यटकों की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। ऐसे में 16 जनवरी से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली संभावित बारिश और बर्फबारी को प्रदेश के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।