Edited By Kuldeep, Updated: 10 Jan, 2026 07:37 PM

बर्फबारी न होने के बावजूद भी भीषण सर्दी से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। शीतलहर ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन को जकड़ लिया है।
शिमला (संतोष): बर्फबारी न होने के बावजूद भी भीषण सर्दी से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। शीतलहर ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन को जकड़ लिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान माइनस और शून्य डिग्री के आसपास पहुंचने से सुबह-सुबह सड़कों पर पानी जम रहा है। इससे फिसलन बढ़ गई है और आम लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंडी, बरठीं, हमीरपुर, पालमपुर, बिलासपुर व कांगड़ा में शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी शीतलहर का यैलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आगामी 4 दिनों के लिए घने कोहरे का यैलो अलर्ट जारी किया गया है। पूरे सप्ताह मौसम के साफ रहने के आसार हैं, यानी 16 जनवरी तक कहीं भी बारिश व बर्फबारी नहीं होगी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 11 स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया, जबकि 4 शहरों का पारा शून्य डिग्री के आसपास बना हुआ है। सबसे ठंडा इलाका लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 10.9, ताबो में माइनस 7.9, कल्पा में माइनस 3.6, सेओबाग में माइनस 2.5, भुंतर में माइनस 1, मनाली में माइनस 1.1, सुंदरनगर में माइनस 0.2, सोलन में माइनस 0.5, रिकांगपिओ में माइनस 0.8 और बजौरा में माइनस 0.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कई जगह तापमान शून्य के बेहद करीब रहा।
पालमपुर में न्यूनतम तापमान 0.5, मंडी में 0.8, हमीरपुर में 0.8, नारकंडा में 0.5 और कुफरी में 2.1 डिग्री दर्ज किया गया। मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर असामान्य रूप से तेज देखा जा रहा है। ऊना में न्यूनतम तापमान 2.2, कांगड़ा में 2, बिलासपुर में 2.5 और नाहन में 5.1 डिग्री रहा, जबकि बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जैसे निचले जिलों का तापमान शिमला से भी कम दर्ज किया गया, जो सामान्य हालात से अलग माना जा रहा है। राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 2.6, जुब्बड़हट्टी में 5.5, कसौली में 3.8, पांवटा साहिब में 5, देहरा गोपीपुर में 5 और नेरी में 5.9 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2 डिग्री नीचे चल रहा है, जिससे कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने 14 जनवरी तक कई इलाकों में सुबह और देर रात घने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जबकि 16 जनवरी तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। बीते 3 महीनों से प्रदेश में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है, जिससे सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। इसका सीधा असर किसानों और बागवानों पर पड़ रहा है, जो सेब सहित दूसरी नकदी फसलों के लिए जरूरी बर्फबारी और वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।