Edited By Kuldeep, Updated: 07 Feb, 2026 06:40 PM

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्यभर के निजी स्कूलों द्वारा किताबों, कापियों और स्कूल वर्दी को लेकर की जा रही मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शिमला (प्रीति): स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्यभर के निजी स्कूलों द्वारा किताबों, कापियों और स्कूल वर्दी को लेकर की जा रही मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। निदेशालय ने माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा के सभी उपनिदेशकों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। जारी निर्देशों के अनुसार निजी स्कूलों में पीटीए (अभिभावक-शिक्षक संघ) के माध्यम से जरनल हाऊस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें किताब-कॉपी और वर्दी की खरीद को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न डाला जाए।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को स्कूल के प्रतीक चिन्ह (लोगो) वाली किताबें और कापियां खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसके अलावा स्कूल किसी एक विशेष दुकान या विक्रेता से सामग्री खरीदने का दबाव भी नहीं बना सकेंगे। शिक्षा निदेशालय ने चेतावनी दी है कि यदि कोई निजी स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करता और मनमानी जारी रखता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) रद्द किया जा सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन की होगी। निदेशालय ने उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस संबंध में नियमित निगरानी रखें और अभिभावकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।