Edited By Kuldeep, Updated: 04 Feb, 2026 07:33 PM

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के तहत नई रैजीडैंट डाक्टर पॉलिसी-2025 में संशोधन करते हुए कुछ बिंदुओं को इसमें जोड़ा है।
शिमला (संतोष): राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के तहत नई रैजीडैंट डाक्टर पॉलिसी-2025 में संशोधन करते हुए कुछ बिंदुओं को इसमें जोड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत विभाग की दिनांक 10 अक्तूबर, 2025 की अधिसूचना के निरंतरता और आंशिक संशोधन के क्रम में, जिसके द्वारा नई रैजीडैंट डाक्टर नीति, 2025 अधिसूचित की गई थी, उस नीति में निम्नलिखित प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से शामिल किया जाता है, जिसके तहत प्रत्येक मैडीकल कालेज/संस्थान में सीनियर रैजीडैंट/ट्यूटर (विशेषज्ञ) की कुल सीटों का निर्धारित अनुपात 66.66:33.33 फीसदी के अनुपात में वितरित किया जाएगा। इसके अंतर्गत सेवारत जीडीओ/एमओ के लिए 66.66 प्रतिशत और सीधे भर्ती होने वाले उम्मीदवारों के लिए 33.33 प्रतिशत की दर रहेगी।
जीडीओ/एमओ और सीधे भर्ती होने वाले उम्मीदवारों के बीच 66.66:33.33 के निर्धारित अनुपात को बनाए रखने के लिए, एएमआरयू द्वारा रोस्टर निर्धारित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संबंधित समूह/श्रेणी में उम्मीदवारों की अनुपलब्धता की स्थिति में सीटों का वितरण अदला-बदली योग्य होगा, जैसे कि जीडीओ/एमओ उम्मीदवार को सीधे उम्मीदवार द्वारा या इसके विपरीत किया जा सकेगा। गैर-नैदानिक विशिष्टताओं/विभागों में वरिष्ठ रैजीडैंट/ट्यूटर (विशेषज्ञों) के पदों को भरने के लिए स्वीकृत सीटों की संख्या, आईजीएमसी शिमला और आरपीजीएमसी टांडा के लिए किसी भी स्थिति में एनएमसी द्वारा निर्धारित संख्या से अधिक नहीं होगी।