Edited By Kuldeep, Updated: 23 Apr, 2026 09:29 PM

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र तय करने को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। विभाग को शिकायतें मिली हैं कि कुछ सरकारी स्कूलों में रिश्तेदारों के प्राइवेट स्कूल के परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
शिमला (प्रीति): प्रदेश के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र तय करने को लेकर शिक्षा विभाग सख्त हो गया है। विभाग को शिकायतें मिली हैं कि कुछ सरकारी स्कूलों में रिश्तेदारों के प्राइवेट स्कूल के परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एक मामले में पत्नी के सरकारी स्कूल में पति के प्राइवेट स्कूल का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। मामला सामने आने के बाद विभाग ने इस पर जांच बिठा दी है और संबंधित जिला उपनिदेशकों से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट भी तलब की है। विभाग को मिली शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि सरकारी स्कूलों के साथ लगते निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की रिश्तेदारी का फायदा उठाकर परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जा रहे हैं।
इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल शिक्षा बोर्ड को पत्र लिखा है जिसमें परीक्षा केंद्र तय करने से पहले आसपास के निजी स्कूलों के मालिकों और शिक्षकों की रिश्तेदारी की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। यदि इस दौरान ऐसे मामले सामने आते हैं तो संबंधित केंद्र को तुरंत बदलने को कहा गया है।
विभाग ने इस संबंध में बोर्ड को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत करवाया है और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सभी जिला शिक्षा उपनिदेशकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों पर नजर रखें।
परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता : निदेशक
स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली का कहना कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।