Shimla: आईएएस अधिकारी डा. ललित जैन विधि विषय में पीएच.डी. की उपाधि से हुए सम्मानित

Edited By Kuldeep, Updated: 15 Jan, 2026 11:40 PM

shimla ias officer phd degree

हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी डा. ललित जैन को विधि विषय में डाक्टरेट (पीएच.डी.) की उपाधि से सम्मानित किया है।

शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी डा. ललित जैन को विधि विषय में डाक्टरेट (पीएच.डी.) की उपाधि से सम्मानित किया है। उन्हें यह उपाधि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में प्रदान की गई। समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया उपस्थित रहे। वर्तमान में वह भारत सरकार में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर निदेशक जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण गृह मंत्रालय में कार्यरत हैं। डा. ललित जैन का शोध प्रबंध हिमाचल प्रदेश भू-स्वामित्व एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 का कारोबार सुगमता और उद्यमशीलता के इरादों पर प्रभाव विषय पर आधारित है। इस शोध में भूमि सुधार, कारोबार सुगमता, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत उद्यमशीलता जैसे पहलुओं का व्यापक कानूनी व नीतिगत विश्लेषण किया गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश पर विशेष फोकस है।

डा. ललित जैन राजनीति विज्ञान, एलएल.बी., एलएल.एम. और एमबीए में शैक्षणिक योग्यता रखते हैं तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने से पहले अधिवक्ता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वह एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित प्रशासक और प्रख्यात वक्ता हैं, जिन्होंने देश-विदेश के कई सम्मेलनों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और नीति मंचों पर सहभागिता की है। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी सहित प्रमुख संस्थानों में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण कानून, भूमि प्रशासन और सतत् विकास जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए हैं।

डा. ललित को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पर्यावरण नेतृत्व पुरस्कार सहित कई सम्मान हो चुके हैं प्राप्त
डा. ललित जैन को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पर्यावरण नेतृत्व पुरस्कार सहित कई राज्य और राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषित परियोजनाओं का नेतृत्व किया है और संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलनों सहित प्रमुख वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। पीएच.डी. की उपाधि डा. ललित जैन के शैक्षणिक और प्रशासनिक करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और सतत शासन में उनकी भूमिका और सशक्त होगी।

शिक्षा जितनी हासिल कर ली जाए उतना अच्छा : डा. ललित
डा. ललित जैन के पिता शशिपाल जैन का पंजाब केसरी से गहरा नाता रहा है। शशिपाल जैन पंजाब के खरड़ से पंजाब केसरी के प्रतिनिधि रहे हैं और वर्ष 1970 से लेकर अब आज तक वह पंजाब केसरी से जुड़े हुए हैं। आईएएस के 2011 बैच के डा. ललित जैन ने कहा कि शिक्षा जितनी हासिल कर ली जाए, उतना अच्छा रहता है। शिक्षा जीवन में हर जगह काम आती है। शिक्षा हासिल करने मेें कंटीन्यूटी होनी चाहिए। विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि आईएएस की जॉब यह मौका देती है कि अधिक शिक्षा हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा प्राप्त की गई शिक्षा सरकार के काम आएगी। उन्होंने सैक्शन 118 पर शोध किया है। वह पहले आईएएस अधिकारी हैं जिन्होंने सैक्शन 118 पर शोध किया है। शोध 118 पर वर्तमान में ज्वलंत मुद्दा है और उनके द्वारा किए गए शोध से और उनके द्वारा जुटाई गई जानकारी सरकार के काम आएगी।

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!