Edited By Kuldeep, Updated: 15 Mar, 2026 10:09 PM

हरियाणा में चुनावी सरगर्मियां तेज होने के बीच सोशल मीडिया पर एक अफवाह तेजी से फैल रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हरियाणा कांग्रेस के कुछ विधायकों (एमएलए) की शिकायत के आधार पर रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया गया है।
शिमला (ब्यूरो): हरियाणा में चुनावी सरगर्मियां तेज होने के बीच सोशल मीडिया पर एक अफवाह तेजी से फैल रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हरियाणा कांग्रेस के कुछ विधायकों (एमएलए) की शिकायत के आधार पर रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया गया है। इस खबर के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा का दौर शुरू हो गया और इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें भी लगाई जाने लगी हैं। हालांकि आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। बताया गया है कि हरियाणा कांग्रेस के विधायकों की ओर से रिश्वतखोरी से संबंधित कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं पहुंची है और इस आधार पर किसी भी तरह का मामला दर्ज होने की बात सही नहीं है। शिमला पुलिस के एएसपी गौरव शर्मा की तरफ से भी पुष्टि की गई है कि ऐसी कोई शिकायत शिमला पुलिस को नहीं मिली है।
दरअसल हरियाणा में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। अलग-अलग दलों के नेता और कार्यकर्त्ता चुनावी रणनीति में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को लेकर कई तरह की अपुष्ट खबरें भी सामने आती रहती हैं। इसी क्रम में कांग्रेस विधायकों को रिश्वत देने से जुड़ी यह खबर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के समय इस तरह की अफवाहें अक्सर तेजी से फैलती हैं। कई बार बिना पुष्टि के जानकारी सांझा कर दी जाती है, जिससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। खासकर जब मामला किसी बड़े राजनीतिक दल या उसके विधायकों से जुड़ा हो तो ऐसी खबरें और भी तेजी से फैलती हैं।
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस के विधायकों की ओर से इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है और न ही किसी प्रकार के रिश्वत मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई कार्रवाई सामने आई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को महज अफवाह माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट खबरों पर तुरंत विश्वास न करें। किसी भी जानकारी को सांझा करने से पहले उसकी सच्चाई की पुष्टि करना जरूरी है। बिना जांच-परख के फैलाई गई खबरें समाज में अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
हरियाणा में चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में कई बार भ्रामक खबरें भी सामने आ जाती हैं, जिन्हें बाद में अफवाह साबित किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव के समय जनता को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत होती है, ताकि वे किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी का शिकार न बनें।फिलहाल हरियाणा कांग्रेस विधायकों के नाम पर रिश्वतखोरी का मामला दर्ज होने की खबर को अफवाह बताया जा रहा है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे केवल आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करें।