Edited By Kuldeep, Updated: 15 Mar, 2026 08:20 PM

जधानी शिमला के साथ लगते पर्यटन स्थल कुफरी में पहाड़ों की खामोशियों के बीच हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों को लगातार 2 दिन एकजुटता का पाठ पढ़ाने के बाद रविवार दोपहर को शिफ्ट कर कसौली ले जाया गया।
शिमला (राक्टा): राजधानी शिमला के साथ लगते पर्यटन स्थल कुफरी में पहाड़ों की खामोशियों के बीच हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों को लगातार 2 दिन एकजुटता का पाठ पढ़ाने के बाद रविवार दोपहर को शिफ्ट कर कसौली ले जाया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने होटल वाइल्ड फ्लावर हॉल में सभी विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विधायकों के साथ लंच भी किया। देखा जाए तो मुख्यमंत्री सुक्खू की पड़ोसी राज्य हरियाणा के पार्टी विधायकों के साथ डेढ़ घंटे तक चली लंच डिप्लोमेसी को भी राजनीतिक रणनीति का ही हिस्सा माना जा रहा है। सोमवार को हरियाणा विधानसभा में राज्यसभा की 2 सीटों को लेकर चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी पहलुओं को देखते हुए विधायकों को कुफरी से सनवारा कसौली स्थित निजी होटलों में ठहराए जाने की सूचना है, जहां से उन्हें सोमवार सुबह कड़े सुरक्षा पहरे में सीधे हरियाणा विधानसभा ले जाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधायकों से चुनावी रणनीति, संगठन और मतदान की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में उनके राजनीतिक सलाहकार सुनील कुमार बिट्टू भी मौजूद रहे। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस लंच डिप्लोमेसी को विधायकों में एकजुटता और सांझा दृष्टिकोण पैदा करने के लिए उठाया गया कदम बताया जा रहा है। गौर हो कि क्रॉस वोटिंग के संभावित खतरे से बचने के लिए बीते शुक्रवार को हरियाणा कांग्रेस के 37 में से 31 विधायकों को कुफरी लाया गया था। बीते दिन विधायकों का पर्यटन स्थल चायल में लंच करवाया गया था, जबकि रविवार को वाइल्ड फ्लावर हॉल में लंच रखा गया। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर कड़ा सुरक्षा पहरा देखने को मिला।
नरेश चौहान ने भी की मुलाकात
हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से सुबह के समय मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने भी मुलाकात की। इसके साथ ही दोपहर बाद मुख्यमंत्री लंच पर विधायकों से मिलने पहुंचे। इसके तहत सभी विधायकों को वाइल्ड फ्लावर हॉल ले जाया गया। यहां करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री विधायकों के साथ मौजूद रहे।
मोबाइल बंद, हाईकमान बनाए हुए पूरी नजर
विधायकों से कोई संपर्क न कर सके, उसके लिए सभी के मोबाइल बंद चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विशेष नंबरों के माध्यम से ही विधायकों को पारिवारिक सदस्यों से संपर्क करने दिया जा रहा है। वहीं पूरी गतिविधियों पर पार्टी हाईकमान भी बराबर नजर बनाए हुए है। देखा जाए तो क्रॉस वोटिंग की पुरानी घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार कांग्रेस ने अपने विधायकों को कड़े सुरक्षा पहरे में रखने का निर्णय लिया है। इसके तहत हरियाणा से पार्टी विधायकों को कांग्रेस शासित राज्य हिमाचल लाया गया। ऐसे में देखना होगा कि कांग्रेस के इन प्रयासों के क्या परिणाम निकल कर आते हैं।