Edited By Jyoti M, Updated: 30 Mar, 2026 11:53 AM

हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। रविवार को रोहतांग दर्रा, धौलाधार की पहाड़ियों और छितकुल जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई, जबकि शिमला और धर्मशाला सहित निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई।
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। रविवार को रोहतांग दर्रा, धौलाधार की पहाड़ियों और छितकुल जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई, जबकि शिमला और धर्मशाला सहित निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इस बदलाव से पूरे प्रदेश में ठंड लौट आई है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए कुल्लू, मंडी और शिमला में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' और अन्य कई जिलों में तेज हवाओं का 'येलो अलर्ट' जारी किया है।
इस बेमौसम बारिश और बर्फबारी ने स्थानीय किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। वर्तमान में सेब और नाशपाती के पेड़ों पर फूल आ रहे हैं, जिन्हें इस मौसम से नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही, गेहूं की फसल को इस समय धूप की जरूरत है, लेकिन बारिश के कारण फसल खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पर्यटकों को सोलंग बैरियर से आगे जाने से रोक दिया है।
लाहौल-स्पीति और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं। रोहतांग और बारालाचा में करीब 20 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरी है, जिससे शिंकुला टॉप और अटल टनल की ओर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालांकि, हाल ही में लेह को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बहाल होने से लोगों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन ताजा बर्फबारी ने एक बार फिर यातायात की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। विभाग का अनुमान है कि 4 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम इसी तरह खराब बना रह सकता है।