Edited By Jyoti M, Updated: 18 Mar, 2026 10:57 AM

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मिला-जुला मौसम देखने को मिला, जहाँ लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर में बादल छाए रहे। वहीं, रोहतांग दर्रा और आसपास की ऊंची चोटियों पर ताजा...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मिला-जुला मौसम देखने को मिला, जहाँ लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर में बादल छाए रहे। वहीं, रोहतांग दर्रा और आसपास की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात दर्ज किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन सफल
अटल टनल रोहतांग के पास भारी बर्फबारी के कारण फंसे पर्यटकों के लिए राहत की खबर है। धुंधी क्षेत्र और साउथ पोर्टल के पास फंसे सभी 320 वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन द्वारा चलाया गया यह रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 36 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद पूरा हुआ, जिसके बाद सभी वाहनों को मनाली की ओर भेज दिया गया।
आगामी दिनों के लिए 'ऑरेंज' और 'येलो' अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव 18 मार्च की रात से दिखने लगेगा।
18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
18 और 19 मार्च को कुल्लू, मंडी और शिमला में ओलावृष्टि का अलर्ट है। वहीं 19 मार्च को कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है। वहीं चंबा, कुल्लू और कांगड़ा में 19-20 मार्च को भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मंडी और शिमला में 20 मार्च को स्थिति चुनौतीपूर्ण रहने के आसार हैं।
यात्रा के लिए सुझाव
मौसम विभाग के अनुसार, 22 और 23 मार्च को भी हल्की बारिश और हिमपात का सिलसिला जारी रह सकता है। ऊंचे क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की सलाह दी गई है।