सराज में जनजीवन प्रभावित: बर्फीले रास्तों को चीरकर बुजुर्ग को कंधों पर उठाकर पहुंचाया अस्पताल

Edited By Jyoti M, Updated: 06 Feb, 2026 10:47 AM

life disrupted in saraj elderly man carried on shoulders to the hospital

हिमाचल प्रदेश के सराज में कुदरत के सफेद सितम के आगे जब सरकारी तंत्र के पहिए थमे, तो ग्रामीणों की जिजीविषा और आपसी एकजुटता ने एक नई मिसाल पेश की। यह कहानी सिर्फ एक बीमार बुजुर्ग को बचाने की नहीं है, बल्कि उन दुर्गम रास्तों पर मरती हुई प्रशासनिक...

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के सराज में कुदरत के सफेद सितम के आगे जब सरकारी तंत्र के पहिए थमे, तो ग्रामीणों की जिजीविषा और आपसी एकजुटता ने एक नई मिसाल पेश की। यह कहानी सिर्फ एक बीमार बुजुर्ग को बचाने की नहीं है, बल्कि उन दुर्गम रास्तों पर मरती हुई प्रशासनिक संवेदनशीलता और जिंदा होती इंसानियत की भी है।

जान जोखिम में डाल 'देवदूत' बने ग्रामीण

मंडी जिले की ग्राम पंचायत घाट के छलाई गांव में जब दो दिनों से बीमार शिव लाल की हालत गंभीर हुई, तो चारों ओर सिर्फ सफेद बर्फ की दीवारें थीं। एंबुलेंस तो दूर, पैदल चलना भी दूभर था। ऐसे में गांव के युवाओं और स्थानीय लोगों ने हार नहीं मानी। उन्होंने लकड़ियों और कपड़े की मदद से एक 'पालकी' तैयार की और बुजुर्ग को उस पर लिटाकर गाड़ागुशैणी की ओर निकल पड़े।

यह सफर कोई आम रास्ता नहीं था, बल्कि 15 किलोमीटर की वह डरावनी दूरी थी जहां कदम-कदम पर फिसलन और गहरी खाइयां थीं। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना करीब 4-5 घंटे तक बुजुर्ग को कंधों पर ढोया, ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके। सोशल मीडिया पर इस संघर्ष का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन की तैयारियों पर सवालिया निशान लग गए हैं।

स्थानीय लोगों का आक्रोश

सराज क्षेत्र के लोग इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर कुदरत का कहर है, तो दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 10 दिनों में विभाग महज 3 किलोमीटर का रास्ता ही साफ कर पाया है।

घाट-गाड़ागुशैणी मुख्य मार्ग का एक बड़ा हिस्सा अब भी बर्फ की चादर में लिपटा है। सड़कें बंद होने से न केवल मरीज, बल्कि टैक्सी चालकों और रोजमर्रा की कमाई करने वालों का चूल्हा तक ठंडा पड़ गया है।

प्रशासन का दावा: युद्धस्तर पर काम जारी

बढ़ते जन आक्रोश के बीच बालीचौकी के एसडीएम बेचित्तर ठाकुर ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि करीब 12 किलोमीटर का इलाका भारी बर्फबारी की चपेट में है। प्रशासन के मुताबिक अब तक 5 किलोमीटर मार्ग से बर्फ हटाई जा चुकी है।

शेष 7 किलोमीटर के हिस्से को खोलने के लिए मशीनों को तैनात किया गया है। अगले 48 घंटों के भीतर यातायात को पूरी तरह बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।

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