Himachal: साच रूट पर नियमित नहीं चलाई जा रही HRTC की बस, पैदल सफर करने को मजबूर हुए लोग

Edited By Jyoti M, Updated: 13 Dec, 2025 01:13 PM

hrtc buses are not being operated regularly on the sach route

चम्बा शहर के साथ लगती पंचायत साच के लिए चलाई जाने वाली सांयकालीन एच.आर.टी.सी. की बस को रोजाना रूट पर नहीं भेजा जा रहा है। इस कारण क्षेत्र की ग्राम पंचायत साच के गांव साच, गुंगाह, कफलौगा, किहाल, भांमुई, कुठला, मनेड़, अच्छला, पंजियारा, दुआरू, धबड़ेंह...

चम्बा, (रणवीर): चम्बा शहर के साथ लगती पंचायत साच के लिए चलाई जाने वाली सांयकालीन एच.आर.टी.सी. की बस को रोजाना रूट पर नहीं भेजा जा रहा है। इस कारण क्षेत्र की ग्राम पंचायत साच के गांव साच, गुंगाह, कफलौगा, किहाल, भांमुई, कुठला, मनेड़, अच्छला, पंजियारा, दुआरू, धबड़ेंह के अलावा द्रम्मण, सिंगी, खजियार, औड़ा के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2009 में 15 साल पूर्व साच रूट पर बस चलाई गई थी। ऐसे में डेढ़ दशक पुराने रूट पर अब नियमित बस न भेजने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

साच के लिए शाम 4 बजे के बाद उक्त रूट पर कोई बस नहीं चलती है। इसके कारण लोगों को इसी बस में सफर करना पड़ रहा है। इस बारे में लोग कई बार एच.आर.टी.सी. पदाधिकारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। लोगों को निजी टैक्सी में महंगा किराया देकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत साच के बस स्टैंड के बाद उक्त आसपास की पंचायतों के लोगों को डेढ़ से 2 घंटे तक का भी पैदल सफर करना पड़ता है। जब रूट पर बस नहीं भेजी जाती है तो सबसे अधिक परेशानी स्कूल व कालेज के विद्यार्थियों को पेश आती है, जिन्हें बस न मिलने के कारण पैदल ही सफर तय करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है।

लोगों ने सांयकालीन बस सेवा को बहाल करने की मांग की है। स्थानीय लोगों केवल, संजीव, राहुल, कर्ण, हितेश, परमेश, जितेंद्र का कहना है कि साच के शाम 4 बजे वाले रूट पर लगातार बस नहीं भेजने के कारण स्कूल व कालेज के विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी बसों की कमी तो कभी नए-नए बहाने बनाए जा रहे हैं।

विद्यार्थी देर शाम तक पैदल घर पहुंचते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शाम के बाद यहां एच.आर.टी.सी. या निजी कोई बस नहीं जाती है। ऐसे में बिना सूचना के आय दिन बस न चलाने से लोगों को टैक्सी में 500 रुपए तक का किराया देना पड़ रहा है। साच पंचायत के अलावा आसपास की पंचायतों के लोग उक्त बस में सफर करते हैं, जिन्हें बस स्टैंड से उतरकर सामान लेकर दूरदराज के गांव तक पैदल सफर करना पड़ता है। सुबह तो बस नियमित रूट पर भेजी जा रही है, लेकिन शाम को बस न चलाने से लोग काफी परेशान हो रहे हैं। लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पहले की तरह नियमित बस सेवा शुरू नहीं की गई तो ग्रामीण बस स्टैंड में धरना-प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।

बसों की कमी के कारण प्रभावित हो रहे रूट : शुगल सिंह

उधर, डी.डी.एम. चम्बा शुगल सिंह ने बताया कि बसों की कमी के कारण रूट प्रभावित हो रहे हैं, जिन रूटों पर एक ही समय में 2 बसों को भेजा जा रहा है उन्हें क्लब करके भेजा जा रहा है। साच की जगह नगोड़ी की बस को भेजा जा रहा है। बसों की कमी पूरी होते ही रूट पर बस को चलाया जाएगा।

 

 

 

 

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