हिमाचल का 'Superhero': जवान विक्रम सदानी मौत को मात देकर बचाता है कई जिंदगियां

Edited By Jyoti M, Updated: 06 Feb, 2026 01:12 PM

himachal soldier vikram sadani defies death and saves many lives

अक्सर पुलिस और सुरक्षाबलों की छवि कड़क और अनुशासन प्रिय मानी जाती है, लेकिन हिमाचल होमगार्ड के एक जवान ने यह साबित कर दिया है कि वर्दी के भीतर एक अत्यंत संवेदनशील और साहसी इंसान भी निवास करता है।

रामपुर (नोगल)। अक्सर पुलिस और सुरक्षाबलों की छवि कड़क और अनुशासन प्रिय मानी जाती है, लेकिन हिमाचल होमगार्ड के एक जवान ने यह साबित कर दिया है कि वर्दी के भीतर एक अत्यंत संवेदनशील और साहसी इंसान भी निवास करता है। हम बात कर रहे हैं विक्रम सदानी की, जिन्होंने एक बार फिर अपनी जान की बाजी लगाकर 'इंसानियत' की परिभाषा को नए मायने दिए हैं।

खाई की गहराई से जीवन की पुकार

मामला ज्यूरी और मंगराड के बीच की दुर्गम पहाड़ियों का है, जहाँ 15/20 कूट क्षेत्र के भेड़पालक अपने पशुओं को चराने निकले थे। इसी दौरान एक बेजुबान बकरा अनियंत्रित होकर लगभग 150 मीटर गहरी और जानलेवा खाई में जा गिरा। ढलान इतनी खतरनाक थी कि अनुभवी चरवाहों के लिए भी वहां उतरना नामुमकिन था।

जब उम्मीदें टूट रही थीं, तब ज्यूरी चौकी में तैनात विक्रम सदानी को सूचना दी गई। बिना किसी हिचकिचाहट के, इस 'खतरों के खिलाड़ी' ने पहाड़ी की ढलानों को चुनौती दी। करीब 5 घंटे के बेहद जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, विक्रम ने उस बेजुबान को सुरक्षित बाहर निकालकर उसके मालिक के सुपुर्द किया।

सिर्फ रक्षक नहीं, समाज के मार्गदर्शक भी

विक्रम सदानी का नाम केवल इस एक घटना के लिए नहीं, बल्कि उनके बहुआयामी व्यक्तित्व के लिए चर्चा में रहता है। उन्हें अक्सर इन भूमिकाओं में देखा जाता है:

नशा विरोधी योद्धा: सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए वे लगातार अभियान चलाते हैं।

स्वच्छता और खेल प्रेमी: ज्यूरी चौक पर यातायात संभालने के साथ-साथ वे सफाई और शारीरिक फिटनेस का संदेश देने में भी अग्रणी रहते हैं।

संकट के साथी: इससे पहले भी गानवी के 'काऊनू मोड़' पर हुए एक दर्दनाक हादसे के दौरान, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों मीटर गहरी खाई से शव निकालकर अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया था।

युवाओं के लिए प्रेरणा पुंज

15/20 की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों ने विक्रम को फौलाद जैसा मजबूत बनाया है। आज जब युवा पीढ़ी दिशाभ्रमित होकर गलत रास्तों पर जा रही है, तब विक्रम जैसे जांबाज समाज के लिए एक जीवंत मिसाल हैं। उनका यह कार्य संदेश देता है कि "जीवन चाहे इंसान का हो या जानवर का, उसकी रक्षा करना ही सबसे बड़ा धर्म है।"

हिमाचल को अपने इस जांबाज सिपाही पर गर्व है। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनकी यह सकारात्मक ऊर्जा समाज को बेहतर बनाने में मशाल का काम करेगी।

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