Edited By Jyoti M, Updated: 05 Jan, 2026 03:38 PM

शहर के विश्वकर्मा चौक पर अढ़ाई साल पहले हुए भूस्खलन ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। लोक निर्माण विभाग ने पिछले साल इसे डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से ठीक करवाया था, लेकिन यह पहली ही बारिश में भरभराकर गिर गया। तब से इसे लगातार कछुए की चाल से...
मंडी, (रीता): शहर के विश्वकर्मा चौक पर अढ़ाई साल पहले हुए भूस्खलन ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। लोक निर्माण विभाग ने पिछले साल इसे डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से ठीक करवाया था, लेकिन यह पहली ही बारिश में भरभराकर गिर गया। तब से इसे लगातार कछुए की चाल से मुरम्मत किया जा रहा है।
हालांकि कुछ मजदूर काम करते हुए दिखाई देते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया के कारण मार्ग अक्सर बंद कर दिया जाता है। शनिवार को फिर से इस मार्ग को बंद करने की सूचना पुलिस अधीक्षक मंडी ने दी, जिसके चलते रविवार को इस मार्ग के साथ ही शहर के प्रवेश द्वार और रामनगर जाने वाले पुराने सुकेती पुल को भी बंद कर दिया गया।
नतीजतन, लोग मोहल्लों में ही कैद रह गए या फिर कई किलोमीटर दूर से चक्कर काटकर आना पड़ा। वाहनों की आवाजाही भी बाधित रही। मंडी शहर के बीचों-बीच यह पहाड़ अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। स्थानीय लोग खासतौर पर लोक निर्माण विभाग को कोस रहे हैं, जो ठेकेदार से काम सही ढंग से नहीं करवा पा रहा है। उनका कहना है कि अगर मुख्य सड़क और पुल को बंद रखकर काम करना ही है तो इसे युद्धस्तर पर शुरू किया जाए, नहीं तो कछुआ चाल से काम चलता रहा तो शिवरात्रि महोत्सव तक यही हाल रहेगा।
इस समस्या के कारण पुराने कालेज रोड जैसे प्रमुख बाजार में व्यवसाय ठप्प हो गया है। आवाजाही बंद होने से पूरा कारोबार प्रभावित हुआ है। लोग सरकार और प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए और जनता की परेशानियों को जल्द दूर किया जाए।