Edited By Jyoti M, Updated: 24 Feb, 2026 12:54 PM

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस साल केवल कक्षाएं ही नहीं, बल्कि चेहरों की रवानगी और आमद भी नई होगी। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था की 'सर्जरी' करने की तैयारी में है, जिसके तहत अप्रैल के शुरुआती सात दिनों में राज्य के शिक्षा जगत में एक बड़ा...
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस साल केवल कक्षाएं ही नहीं, बल्कि चेहरों की रवानगी और आमद भी नई होगी। प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था की 'सर्जरी' करने की तैयारी में है, जिसके तहत अप्रैल के शुरुआती सात दिनों में राज्य के शिक्षा जगत में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलेगा। यह केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं है, बल्कि प्रदेश के 145 स्कूलों को सीबीएसई (CBSE) के सांचे में ढालने की एक बड़ी कवायद का हिस्सा है।
शिक्षा सुधार की 'बड़ी सर्जरी' के मुख्य बिंदु:
प्रदेश के लगभग 10,000 शिक्षकों के कार्यक्षेत्र बदलने वाले हैं। विभाग ने इसके लिए सूचियां तैयार कर ली हैं। चयनित 145 आदर्श स्कूलों में अब केंद्रीय बोर्ड का सिलेबस चलेगा। यहाँ तैनाती पाने के लिए शिक्षकों को मेरिट और स्क्रीनिंग की अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा है। जो शिक्षक लंबे समय से शहरों या पसंदीदा स्टेशनों पर जमे हुए हैं, उन्हें अब ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों की ओर रुख करना होगा।
सरकार का लक्ष्य दूरदराज के स्कूलों में खाली पदों को भरना है। स्कूलों की जरूरत के हिसाब से विषयों और पदों को फिर से व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि किसी भी विषय के छात्रों को शिक्षक की कमी न खले।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
विभाग का मानना है कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए यह 'रिफ्रेश बटन' दबाना अनिवार्य था। सेवानिवृत्त हो रहे अध्यापकों की खाली जगहों को भी इसी प्रक्रिया के दौरान भरा जाएगा। इस पूरी कसरत का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही हर डेस्क पर एक शिक्षक मौजूद हो।
निदेशक की बात:
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली के अनुसार, विभाग की प्राथमिकता है कि पढ़ाई शुरू होने से पहले ही सारी नियुक्तियां और तबादले निपटा लिए जाएं, ताकि बच्चों का कीमती समय बर्बाद न हो।
क्या होगा खास?
इस बार की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है। सीबीएसई स्कूलों में जाने वाले शिक्षकों की योग्यता को आधार बनाया गया है, जबकि अन्य तबादलों में उन स्कूलों को तवज्जो दी गई है जहाँ स्टाफ की भारी किल्लत थी। अप्रैल का पहला हफ्ता हिमाचल के हजारों शिक्षकों के लिए नई चुनौतियां और नए स्टेशन लेकर आने वाला है।