Edited By Swati Sharma, Updated: 24 Feb, 2026 10:57 AM

Shimla News: हिमाचल सरकार ने कार्यरत शिक्षकों को बीएड कोर्स में नामांकन कराने से पहले विभाग की अनुमति लेने का निर्देश देते हुए दोहराया है कि किसी भी स्थिति में पहले से औपचारिक मंजूरी के बगैर डिग्री को मान्यता नहीं दी जाएगी। सिरमौर के स्कूल शिक्षा...
Shimla News: हिमाचल सरकार ने कार्यरत शिक्षकों को बीएड कोर्स में नामांकन कराने से पहले विभाग की अनुमति लेने का निर्देश देते हुए दोहराया है कि किसी भी स्थिति में पहले से औपचारिक मंजूरी के बगैर डिग्री को मान्यता नहीं दी जाएगी।
दिए गए निर्देश
सिरमौर के स्कूल शिक्षा (प्राथमिक) के उप निदेशक की ओर से नाहन में जारी एक आधिकारिक जानकारी में जिले के सभी प्रखंड परियोजना पदाधिकारी-सह-प्रधानाध्यापक और सरकारी माध्यमिक विद्यालय, उच्च और मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक को अकादमिक सत्र 2026-27 के लिए योग्य सी और वी श्रेणी के शिक्षकों को 25 मार्च, 2026 तक आवेदन भेजने का निर्देश दिया गया है। तय समय-सीमा के बाद मिलने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। विभाग ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों को किसी भी बीएड कार्यक्रम में नामांकन लेने से पहले औपचारिक मंजूरी लेनी होगी। बिना पहले से मंजूरी के किया गया कोई भी कोर्स सेवा लाभ के लिए वैध नहीं माना जाएगा।
'शिक्षक नामांकन लेने के बाद कार्योत्तर स्वीकृति मांग रहे'
अधिकारियों ने देखा है कि कई शिक्षक नामांकन लेने के बाद कार्योत्तर स्वीकृति मांग रहे हैं, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। अधिसूचना में कहा गया है कि सिर्फ आवेदन जमा करने से अनुमोदन की गारंटी नहीं मिलती। अनुमति तय नियमों और नियमन के हिसाब से ही दी जाएगी। खास बात यह है कि हिमाचल प्रदेश के शिक्षा निदेशक के पहले के निर्देशों के मुताबिक अनुमोदन की संख्या जिले की मंजूर क्षमता के श्रेणीवार 1 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी।